चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला के ज्वेलर्स को मिले 95.81 करोड़ रुपये, IDFC बैंक घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई

645 करोड़ रुपये के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने 14 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 4.30 करोड़ रुपये नकद जब्त और करीब 22 करोड़ रुपये बैंक बैलेंस फ्रीज किए गए।

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हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े 645 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ज्वेलर्स और उनके सहयोगियों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, शेल कंपनियों के माध्यम से ज्वेलर्स को करीब 95.81 करोड़ रुपये मिले थे। छापेमारी में नकदी, बैंक बैलेंस और अहम दस्तावेज बरामद किए गए।

 

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े 645 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने 29 सितंबर को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ज्वेलर्स और उनसे जुड़े लोगों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की। ED के अनुसार, आरोपियों से जुड़ी कथित शेल कंपनियों के जरिए इन ज्वेलर्स को कुल 95.81 करोड़ रुपये मिले थे।

छापेमारी के दौरान ED ने 4.30 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की, जबकि ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में मौजूद करीब 22 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं।

645 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने 29 सितंबर को तीन शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच के तहत की गई।

ED की जांच के अनुसार, इस मामले में हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के बैंक खातों से कथित तौर पर सरकारी धन का गबन किया गया था। जांच एजेंसी अब इस धन के लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

छापेमारी में 4.30 करोड़ रुपये नकद बरामद

ED की कार्रवाई के दौरान ज्वेलर्स और उनसे संबंधित संस्थाओं के परिसरों से 4.30 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई। इसके साथ ही करीब 22 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि फ्रीज की गई है।

जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनसे कथित वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह की जांच में मदद मिल सकती है।

पांच ज्वेलर्स को मिले 95.81 करोड़ रुपये

ED की जांच में पांच ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के नाम सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक, इन संस्थाओं को कथित तौर पर बिचौलिया शेल कंपनियों के माध्यम से बड़ी रकम प्राप्त हुई थी।

किन ज्वेलर्स को कितनी रकम मिली?

ज्वेलर्स या समूह का नाम

कथित तौर पर प्राप्त राशि

मलिक ज्वेलर्स

58 करोड़ रुपये

KLG ग्रुप (KLG Jewels, KLG Infra और KLG & Co.)

26 करोड़ रुपये

M.B. Gold Traders

5 करोड़ रुपये

शाम ज्वेलर्स

3.66 करोड़ रुपये

सुंदर ज्वेलर्स

3.15 करोड़ रुपये

कुल

95.81 करोड़ रुपये

जांच एजेंसी के अनुसार, यह रकम रिभव ऋषि द्वारा कथित तौर पर बनाई गई मध्यस्थ शेल कंपनियों के जरिए इन ज्वेलर्स तक पहुंचाई गई थी। ED ने रिभव ऋषि को इस घोटाले का कथित मुख्य आरोपी बताया है।

सरकारी खातों से निकाली गई रकम को ठिकाने लगाने का आरोप

ED की जांच में आरोप लगाया गया है कि ज्वेलर्स ने सरकारी विभागों के बैंक खातों से कथित तौर पर निकाली गई रकम को इधर-उधर करने में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी के अनुसार, अपराध से अर्जित धन को ज्वेलर्स के माध्यम से कथित तौर पर आरोपी IAS अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचाया गया।

हालांकि, इस मामले में आरोपों की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों की आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

फरवरी 2026 में दर्ज FIR के बाद शुरू हुई जांच

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में अपनी जांच हरियाणा के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा फरवरी 2026 में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी।

यह FIR हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में रखे गए बैंक खातों की शेष राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज की गई थी।

जांच के दौरान सरकारी खातों में दर्ज बैलेंस और वास्तविक बैंक बैलेंस के बीच कथित अंतर की पड़ताल की गई। इसी क्रम में धन के लेन-देन से जुड़े ज्वेलर्स और अन्य संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।

चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में जांच जारी

तीनों शहरों में हुई छापेमारी के बाद ED ने नकदी, बैंक बैलेंस और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर कथित धन शोधन और सरकारी धन के लेन-देन की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य सरकारी धन के कथित गबन से लेकर उसे विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से आगे भेजने तक की पूरी प्रक्रिया का पता लगाना है।

 

Key Highlights:

  • 645 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई।

  • चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 ठिकानों पर छापेमारी।

  • ज्वेलर्स को कथित शेल कंपनियों से मिले 95.81 करोड़ रुपये।

  • छापेमारी में 4.30 करोड़ रुपये नकद जब्त।

  • ज्वेलर्स और संबंधित संस्थाओं के करीब 22 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस फ्रीज।

  • मलिक ज्वेलर्स को कथित तौर पर सबसे अधिक 58 करोड़ रुपये मिले।

  • ED ने रिभव ऋषि को घोटाले का कथित मुख्य आरोपी बताया।

  • मामले की जांच हरियाणा में फरवरी 2026 में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई।

FAQ Section:

1. IDFC First Bank और AU Small Finance Bank घोटाला कितने करोड़ रुपये का है?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कथित बैंक घोटाला 645 करोड़ रुपये का है। इसमें हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी धन से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की जा रही है।

2. ED ने किन शहरों में छापेमारी की?

ED ने 29 सितंबर को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ज्वेलर्स और उनसे जुड़े लोगों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की।

3. छापेमारी के दौरान कितनी नकदी बरामद हुई?

प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी के दौरान 4.30 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की।

4. ज्वेलर्स के कितने रुपये के बैंक खाते फ्रीज किए गए?

ED ने ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में मौजूद करीब 22 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की।

5. किन ज्वेलर्स को कथित तौर पर रकम मिली?

ED की जांच के अनुसार, मलिक ज्वेलर्स, KLG ग्रुप, M.B. Gold Traders, शाम ज्वेलर्स और सुंदर ज्वेलर्स को कथित शेल कंपनियों के माध्यम से कुल 95.81 करोड़ रुपये मिले।

6. इस घोटाले में रिभव ऋषि की क्या भूमिका बताई गई है?

ED ने रिभव ऋषि को इस कथित घोटाले का मुख्य आरोपी बताया है। एजेंसी के अनुसार, उनके द्वारा कथित तौर पर बनाई गई शेल कंपनियों के जरिए ज्वेलर्स तक रकम पहुंचाई गई।

Conclusion:

645 करोड़ रुपये के कथित IDFC First Bank और AU Small Finance Bank घोटाले में ED की कार्रवाई से सरकारी धन के लेन-देन से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच आगे बढ़ी है। चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में हुई छापेमारी में 4.30 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए और करीब 22 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस फ्रीज किए गए। पांच ज्वेलर्स को कथित तौर पर मिले 95.81 करोड़ रुपये भी जांच के दायरे में हैं। अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी।

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Edited By: Atul Sharma

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