मल्लिका हांडा ने मलेशिया में जीता कांस्य पदक, जनवरी 2027 में विंटर डेफलिम्पिक्स में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

श्रवण एवं वाक् बाधित शतरंज खिलाड़ी मल्लिका हांडा की एक और बड़ी उपलब्धि; राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नौवां गोल्ड जीतने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया देश का गौरव

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भारतीय शतरंज खिलाड़ी मल्लिका हांडा ने मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एक और उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक जीता था। उनकी मां रेणु हांडा के अनुसार, मल्लिका जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। हालांकि, उनकी मां ने यह भी कहा कि वर्षों की खेल उपलब्धियों के बावजूद सरकारी नौकरी की उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।

भारतीय शतरंज खिलाड़ी मल्लिका हांडा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि हासिल की है। मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। श्रवण एवं वाक् बाधित मल्लिका ने अपनी इस सफलता से भारतीय शतरंज में अपनी पहचान को और मजबूत किया है।

मल्लिका की यह उपलब्धि हाल ही में मिली राष्ट्रीय सफलता के बाद आई है। उन्होंने नई दिल्ली में 17 से 21 सितंबर तक आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नौवां स्वर्ण पदक

मल्लिका हांडा ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। हालिया नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में जीता गया स्वर्ण पदक उनके राष्ट्रीय चैंपियनशिप करियर का नौवां गोल्ड मेडल था।

लगभग 14 वर्षों के खेल करियर में उन्होंने लगातार मेहनत और प्रदर्शन के जरिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। मलेशिया में कांस्य पदक जीतना उनके अंतरराष्ट्रीय खेल सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जनवरी 2027 में विंटर डेफलिम्पिक्स में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

मल्लिका की मां रेणु हांडा ने बताया कि इस नई उपलब्धि के बाद मल्लिका जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

यह प्रतियोगिता मल्लिका के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने का एक और अवसर होगी। उनकी हालिया सफलताओं से आगामी प्रतियोगिता को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

सरकारी नौकरी की मांग अब भी लंबित: मां

मल्लिका की खेल उपलब्धियों के बीच उनकी मां रेणु हांडा ने सरकारी नौकरी की मांग का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतने और वर्षों तक देश के लिए उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद मल्लिका की सरकारी नौकरी की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।

यह मुद्दा उन खिलाड़ियों के भविष्य और सम्मान से भी जुड़ा है, जो खेल के क्षेत्र में लगातार उपलब्धियां हासिल करते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी नौकरी की मांग पर संबंधित अधिकारियों की कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

Key Highlights:

  • मल्लिका हांडा ने मलेशिया में एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।

  • उन्होंने नई दिल्ली में नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

  • राष्ट्रीय चैंपियनशिप में यह उनका नौवां गोल्ड मेडल बताया गया है।

  • मल्लिका का खेल करियर लगभग 14 वर्षों का है।

  • उनकी मां के अनुसार, वह जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

  • उनकी मां ने सरकारी नौकरी की मांग लंबित रहने का मुद्दा उठाया है।

FAQ Section:

प्रश्न 1: मल्लिका हांडा ने हाल ही में कौन-सा पदक जीता है?

उत्तर: मल्लिका हांडा ने मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है।

प्रश्न 2: मल्लिका ने राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में कौन-सी उपलब्धि हासिल की?

उत्तर: उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप फॉर द डेफ में स्वर्ण पदक जीता, जो उनका नौवां राष्ट्रीय चैंपियनशिप गोल्ड बताया गया है।

प्रश्न 3: मल्लिका हांडा कब और कहां विंटर डेफलिम्पिक्स में हिस्सा लेंगी?

उत्तर: उनकी मां रेणु हांडा के अनुसार, मल्लिका जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

प्रश्न 4: मल्लिका हांडा की खेल उपलब्धियां कितने वर्षों के करियर से जुड़ी हैं?

उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मल्लिका का खेल करियर लगभग 14 वर्षों का है।

प्रश्न 5: मल्लिका की मां ने कौन-सा मुद्दा उठाया है?

उत्तर: उनकी मां रेणु हांडा ने कहा कि लगातार खेल उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद मल्लिका की सरकारी नौकरी की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।

Conclusion:

मल्लिका हांडा ने मलेशिया में कांस्य पदक जीतकर अपने खेल करियर में एक और उपलब्धि जोड़ी है। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नौवां स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद अब वह जनवरी 2027 में ऑस्ट्रिया में होने वाले विंटर डेफलिम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी करेंगी। वहीं, उनकी मां द्वारा सरकारी नौकरी की मांग का मुद्दा उठाए जाने से खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उनके भविष्य और सम्मान से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं।Screenshot_627

Edited By: Atul Sharma

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