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अमृतसर में नगर निगम की कार्रवाई, कारखाना बाजार में कच्चे मांस की 4 दुकानें सील
गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व से पहले प्रशासन की कार्रवाई; कोर्ट से स्टे ऑर्डर होने का दावा करने वाले दुकानदार नहीं दिखा सके संबंधित दस्तावेज
अमृतसर में सरकारी निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम ने सुल्तानविंड गेट के कारखाना बाजार में कच्चे मांस की चार दुकानों को सील कर दिया। गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व से पहले चलाए गए इस अभियान के दौरान अधिकारियों और पुलिस की टीम मौजूद रही। नगर निगम ने पुराने शहर के निर्धारित क्षेत्र में कारोबार कर रहे मांस और तंबाकू विक्रेताओं को भी दुकानें दूसरी जगह स्थानांतरित करने की चेतावनी दी।
अमृतसर में कच्चे मांस की 4 दुकानें सील, गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व से पहले कार्रवाई
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में नगर निगम ने सोमवार को सरकारी निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए सुल्तानविंड गेट स्थित कारखाना बाजार में कच्चे मांस की चार दुकानों को सील कर दिया। यह अभियान गुरु रामदास जी के जन्मोत्सव यानी प्रकाश पर्व से पहले चलाया गया। कार्रवाई के दौरान नगर निगम के एस्टेट विभाग के अधिकारी, स्लॉटर हाउस विभाग की टीम और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
एस्टेट अधिकारी धर्मिंदरजीत सिंह की देखरेख में हुई कार्रवाई
नगर निगम की इस कार्रवाई को एस्टेट विभाग ने एस्टेट अधिकारी धर्मिंदरजीत सिंह की निगरानी में अंजाम दिया। अभियान में स्लॉटर हाउस विभाग की टीम ने भी सहयोग किया, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित सरकारी निर्देशों और लागू नियमों के तहत चार दुकानों को सील किया गया।
स्टे ऑर्डर का दावा, लेकिन दस्तावेज नहीं दिखा सके दुकानदार
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्हें स्थानीय अदालत से स्टे ऑर्डर मिला हुआ है। हालांकि, वे मौके पर इससे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद नगर निगम ने लागू निर्देशों और नियमों के अनुसार चारों दुकानों को सील कर दिया।
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुराने शहर में मांस और तंबाकू कारोबारियों को चेतावनी
नगर निगम के सचिव-कम-एस्टेट अधिकारी सुशांत भाटिया ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ऐतिहासिक शहर में स्वच्छता बनाए रखना, धार्मिक भावनाओं और पवित्रता का सम्मान करना तथा शहर की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना है।
उन्होंने बताया कि चारदीवारी वाले पुराने शहर के निर्धारित क्षेत्र में कारोबार कर रहे मांस और तंबाकू विक्रेताओं को भी अपने व्यवसाय दूसरी जगह स्थानांतरित करने की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ लागू नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
Key Highlights:
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अमृतसर के कारखाना बाजार में कच्चे मांस की चार दुकानें सील।
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कार्रवाई सुल्तानविंड गेट क्षेत्र में की गई।
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अभियान गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व से पहले चलाया गया।
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दुकानदारों ने कोर्ट से स्टे ऑर्डर होने का दावा किया, लेकिन संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा सके।
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पुराने शहर के निर्धारित क्षेत्र में मांस और तंबाकू कारोबारियों को दुकानें स्थानांतरित करने की चेतावनी।
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नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन होने पर आगे की कार्रवाई के संकेत दिए।
FAQ Section:
प्रश्न 1: अमृतसर में कितनी मांस की दुकानें सील की गईं?
उत्तर: नगर निगम ने कारखाना बाजार, सुल्तानविंड गेट क्षेत्र में कच्चे मांस की चार दुकानों को सील किया।
प्रश्न 2: दुकानें सील करने की कार्रवाई क्यों की गई?
उत्तर: कार्रवाई सरकारी निर्देशों और लागू नियमों के अनुपालन में की गई। नगर निगम ने स्वच्छता, धार्मिक पवित्रता और शहर की सांस्कृतिक विरासत को इसका उद्देश्य बताया।
प्रश्न 3: क्या दुकानदारों के पास अदालत का स्टे ऑर्डर था?
उत्तर: दुकानदारों ने स्टे ऑर्डर होने का दावा किया था, लेकिन वे मौके पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
प्रश्न 4: मांस और तंबाकू कारोबारियों को क्या चेतावनी दी गई?
उत्तर: पुराने शहर के निर्धारित क्षेत्र में कारोबार कर रहे मांस और तंबाकू विक्रेताओं को अपना व्यवसाय दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है।
प्रश्न 5: कार्रवाई की निगरानी किसने की?
उत्तर: अभियान एस्टेट अधिकारी धर्मिंदरजीत सिंह की देखरेख में चलाया गया। इसमें स्लॉटर हाउस विभाग की टीम और पुलिसकर्मी भी शामिल रहे।
Conclusion:
अमृतसर में गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व से पहले नगर निगम ने कारखाना बाजार में कच्चे मांस की चार दुकानों को सील किया। दुकानदारों द्वारा अदालत के स्टे ऑर्डर का दावा किए जाने के बावजूद संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। नगर निगम ने पुराने शहर के निर्धारित क्षेत्र में मांस और तंबाकू कारोबार करने वालों को भी नियमों का पालन करने और कारोबार दूसरी जगह स्थानांतरित करने की चेतावनी दी है।

