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DMCH Research Day में 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा, ICMR DG ने रिसर्च और इनोवेशन पर दिया जोर
डॉ. राजीव बहल ने कहा- मेडिकल रिसर्च को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ना जरूरी; विजेताओं को 25-25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार
लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आयोजित DMCH Research Day में 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रिसर्च, इनोवेशन और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
लुधियाना: दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) में आयोजित ‘DMCH Research Day’ में कम से कम 300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान में रिसर्च और इनोवेशन की मजबूत संस्कृति को बढ़ावा देना रहा। इसमें फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं तथा अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों ने भाग लिया।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने मेडिकल रिसर्च को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों के बेहतर उपचार परिणामों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रिसर्च को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर जोर
अपने मुख्य संबोधन में डॉ. राजीव बहल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को आगे बढ़ाने में रिसर्च की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने फैकल्टी सदस्यों और शोधकर्ताओं से प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर के रूप में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने शोधकर्ताओं को ऐसी रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जिसके नतीजों को क्लिनिकल प्रैक्टिस में लागू किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिक क्लिनिकल ट्रायल में भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई, ताकि मरीजों के लिए प्रमाण आधारित और प्रभावी उपचार समाधान विकसित किए जा सकें।
युवा शोधकर्ताओं को दी गुणवत्ता पर ध्यान देने की सलाह
ICMR महानिदेशक ने युवा शोधकर्ताओं और मेडिकल प्रोफेशनल्स को गुणवत्तापूर्ण, नैतिक और प्रभावी रिसर्च करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल शोध का फोकस देश की प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ा होना चाहिए।
बेस्ट एब्स्ट्रैक्ट और ई-पोस्टर के विजेताओं को पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रेणियों में बेस्ट एब्स्ट्रैक्ट, ओरल प्रेजेंटेशन और ई-पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
प्रत्येक संबंधित श्रेणी के विजेताओं को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिला।
DMCH की रिसर्च एंड डेवलपमेंट पॉलिसी जारी
कार्यक्रम के दौरान संस्थान की नई रिसर्च एंड डेवलपमेंट पॉलिसी भी जारी की गई। इस पहल को संस्थान में शोध गतिविधियों को व्यवस्थित और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
CMC पहुंचे ICMR महानिदेशक
DMCH के कार्यक्रम के बाद डॉ. राजीव बहल ने क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) का भी दौरा किया। उन्होंने संस्थान की 132 वर्षों की शिक्षा, रिसर्च और सेवा की विरासत की सराहना की।
CMC में फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत में मेडिकल रिसर्च के इकोसिस्टम को मजबूत करने पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मेडिकल संस्थानों में रिसर्च को सुविधाजनक बनाने और शोध को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति, गतिविधियों और दृष्टिकोण पर चर्चा की।
Key Highlights:
- DMCH Research Day में 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
- ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
- बेस्ट एब्स्ट्रैक्ट, ओरल प्रेजेंटेशन और ई-पोस्टर प्रतियोगिताएं हुईं।
- विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए।
- DMCH की रिसर्च एंड डेवलपमेंट पॉलिसी जारी की गई।
- डॉ. बहल ने रिसर्च को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर जोर दिया।
- उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से गुणवत्तापूर्ण और नैतिक रिसर्च करने का आह्वान किया।
- ICMR DG ने CMC का दौरा कर उसकी 132 साल पुरानी विरासत की सराहना की।
FAQ Section:
DMCH Research Day में कितने प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया?
DMCH Research Day में कम से कम 300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें फैकल्टी, शोधकर्ता और मेडिकल छात्र शामिल थे।
DMCH Research Day के मुख्य अतिथि कौन थे?
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
रिसर्च प्रतियोगिता के विजेताओं को कितना पुरस्कार मिला?
विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम में किस बात पर जोर दिया गया?
कार्यक्रम में मेडिकल रिसर्च को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने, क्लिनिकल ट्रायल बढ़ाने और मरीजों के लिए प्रमाण आधारित उपचार विकसित करने पर जोर दिया गया।
डॉ. राजीव बहल ने CMC में क्या किया?
डॉ. बहल ने Christian Medical College का दौरा किया और मेडिकल रिसर्च के इकोसिस्टम को मजबूत करने पर फैकल्टी, शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित किया।
Conclusion:
DMCH Research Day ने मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में रिसर्च की भूमिका को रेखांकित किया। ICMR महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के संदेश से युवा शोधकर्ताओं को क्लिनिकल और मरीज-केंद्रित रिसर्च की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिला। रिसर्च एंड डेवलपमेंट पॉलिसी की शुरुआत से DMCH में शोध गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
