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मानसा में फिर गरमाया नशे के खिलाफ आंदोलन, झोटा के पिता से मिलने पहुंची नई सरकारी कमेटी; 5 नवंबर को CM आवास घेरने का ऐलान
पर्विंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत जारी, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने और 12 मांगों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की मांग।
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता पर्विंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है। रविवार को दो सदस्यीय सरकारी पैनल ने झोटा के पिता भीम सिंह और कमेटी के सदस्यों से मुलाकात की। हालांकि, बातचीत के बावजूद कमेटी ने 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का फैसला बरकरार रखा है।
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नशा विरोधी कार्यकर्ता पर्विंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से उठाई जा रही मांगों को लेकर राज्य सरकार ने बातचीत की नई पहल की है।
रविवार को दो सदस्यीय सरकारी पैनल मानसा पहुंचा और झोटा के पिता भीम सिंह तथा एक्शन कमेटी के दो सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) गौतम चीमा और मानसा के पूर्व डिप्टी कमिश्नर कुलवंत सिंह शामिल थे। बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह भी मौजूद रहे।
इससे पहले तीन महिला IAS अधिकारियों की सरकारी कमेटी के साथ तीन दौर की बातचीत हो चुकी थी। आखिरी बैठक 23 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया था।
झोटा के पिता और एक्शन कमेटी से नई कमेटी की मुलाकात
सरकार की ओर से गठित नए दो सदस्यीय पैनल ने रविवार को मानसा में भीम सिंह और एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों से बातचीत की।
बैठक के दौरान कमेटी ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि सरकार के साथ अगली बैठक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व की मौजूदगी में होनी चाहिए।
अगली बैठक में इन नेताओं को शामिल करने की मांग
एक्शन कमेटी ने मांग की कि अगली बैठक विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित की जाए।
कमेटी का कहना है कि मामले का समाधान निकालने के लिए सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है।
12 मांगों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की मांग
एक्शन कमेटी ने सरकार से अपनी 12 मांगों को लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी करने की मांग की है।
कमेटी के मुताबिक, सरकार पहले ही इन मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दे चुकी है। ऐसे में अब केवल मौखिक भरोसे के बजाय लिखित और आधिकारिक आदेश जारी किए जाने चाहिए।
इसके अलावा कमेटी ने अगली बातचीत से पहले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग भी रखी।
13 अक्टूबर के बाद दर्ज केस रद्द करने की मांग
बैठक के बाद ADGP गौतम चीमा ने कहा कि बातचीत सकारात्मक और सार्थक रही।
उन्होंने कहा, "कमेटी ने अपनी 12 मांगें रखी हैं, जिन पर राज्य सरकार विचार करेगी। कमेटी ने 13 अक्टूबर के बाद दर्ज किए गए सभी मामलों को रद्द करने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग भी की है।"
चीमा ने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में राज्य सरकार के प्रतिनिधि और जरूरत पड़ने पर मंत्री भी शामिल होंगे, ताकि मामले का जल्द समाधान निकाला जा सके।
SSP और DC की गैरमौजूदगी भी बनी चर्चा का विषय
रविवार की बैठक में मानसा के SSP वैभव चौधरी और डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर मौजूद नहीं थे।
इससे पहले भीम सिंह अपने बेटे की हत्या को लेकर SSP पर आरोप लगाते रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने पहले सरकारी पैनल के साथ उन बैठकों में शामिल होने से इनकार किया था, जिनमें SSP मौजूद रहते थे।
रविवार की बैठक में SSP की अनुपस्थिति को इसी पुराने विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी एक्शन कमेटी
सरकारी पैनल के साथ बातचीत के बावजूद एक्शन कमेटी ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
कमेटी ने 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान बरकरार रखा है।
कमेटी का कहना है कि जब तक उसकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इनमें मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।
13 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी झोटा की हत्या
पर्विंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद उन पर हमला किया गया था।
इस घटना के बाद मानसा सहित पंजाब के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इसकी जांच कर रही है।
झोटा की हत्या के बाद परिवार और एक्शन कमेटी लगातार न्याय, नशे के कारोबार पर कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
Key Highlights:
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पर्विंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह से सरकारी पैनल ने मानसा में मुलाकात की।
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ADGP गौतम चीमा और पूर्व DC कुलवंत सिंह दो सदस्यीय पैनल में शामिल रहे।
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बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह भी बैठक में मौजूद थे।
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एक्शन कमेटी ने 12 मांगों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की मांग की।
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13 अक्टूबर के बाद प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग।
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गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग भी उठाई गई।
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अगली बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, दो मंत्रियों और मुख्य सचिव को शामिल करने की मांग।
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5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान बरकरार।
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झोटा की हत्या के मामले की जांच CBI कर रही है।
FAQ Section:
Q1. पर्विंदर सिंह झोटा कौन थे?
पर्विंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा क्षेत्र में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता थे। 13 अक्टूबर को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
Q2. झोटा के पिता से मिलने कौन पहुंचा था?
रविवार को ADGP गौतम चीमा और मानसा के पूर्व डिप्टी कमिश्नर कुलवंत सिंह के दो सदस्यीय पैनल ने भीम सिंह से मुलाकात की।
Q3. एक्शन कमेटी की प्रमुख मांगें क्या हैं?
कमेटी 12 मांगों की आधिकारिक अधिसूचना, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने, गिरफ्तार लोगों की रिहाई और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अगली बैठक की मांग कर रही है।
Q4. अगली बैठक में किन नेताओं को शामिल करने की मांग की गई है?
विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को शामिल करने की मांग की गई है।
Q5. एक्शन कमेटी ने कब मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है?
एक्शन कमेटी ने 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।
Q6. पर्विंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।
Conclusion:
पर्विंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद मानसा में शुरू हुआ आंदोलन अब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत के नए दौर में पहुंच गया है। रविवार की बैठक में सकारात्मक चर्चा की बात सामने आई, लेकिन 12 मांगों पर लिखित आदेश, प्रदर्शनकारियों की रिहाई और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर मतभेद अभी कायम हैं। ऐसे में 5 नवंबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास का घेराव और अगली सरकारी बैठक इस मामले में आगे की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
