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सफाई कर्मी की ड्यूटी के दौरान मौत पर ₹30 लाख मुआवजा: राष्ट्रीय आयोग
सफाई कर्मियों से मैनुअल स्कैवेंजिंग न करवाने के सख्त निर्देश, सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र और सुरक्षा किट देने पर जोर
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी सफाई कर्मी की मौत होने पर सरकार ₹30 लाख का मुआवजा देती है। उन्होंने अधिकारियों को श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने और कर्मचारियों को सुरक्षा व उचित वेतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने कहा कि सफाई कार्य करते समय यदि किसी सफाई कर्मी की मृत्यु हो जाती है तो सरकार द्वारा ₹30 लाख का मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मुआवजा स्थायी, अस्थायी, ठेका या आउटसोर्सिंग के आधार पर काम करने वाले सभी सफाई कर्मियों पर लागू होता है।
गिल शुक्रवार को अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) में जिला अधिकारियों और सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में बोल रहे थे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सफाई कर्मियों के कल्याण से जुड़े श्रम कानूनों और सरकारी नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मियों को सरकार द्वारा तय दरों के अनुसार वेतन दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अमृतसर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी सफाई कर्मी से मैनुअल स्कैवेंजिंग का काम न कराया जाए। गिल ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार का कोई मामला आयोग के संज्ञान में आता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मियों के हितों की रक्षा करना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी सफाई कर्मियों को पहचान पत्र जारी किए जाएं और इन कार्डों पर उनका ब्लड ग्रुप स्पष्ट रूप से लिखा हो।
गिल ने कहा कि आयोग सफाई कर्मियों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुनेगा और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का सामना कर रहे कर्मचारी सीधे आयोग से संपर्क कर सकते हैं।
बैठक के दौरान नगर निगम के अधिकारियों को सफाई कर्मियों के खाली पदों को जल्द भरने और सभी कर्मचारियों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गिल ने यह भी जोर दिया कि सफाई कर्मियों को चिकित्सा बीमा के दायरे में लाया जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में उन्हें सहायता मिल सके।
गिल ने बैठक में सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों और चिंताओं को भी सुना और आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों और समस्याओं को आयोग द्वारा उठाया जाएगा।
बैठक से पहले इंदौर में सफाई कार्य के दौरान जान गंवाने वाले सफाई कर्मियों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
