फरीदकोट में शुरू हुई ‘नेकी दी दीवार’, जरूरतमंदों तक सम्मानपूर्वक पहुंचेगी मदद

रोटरी क्लब और भारतीय सेना की संयुक्त पहल, पुराने उपयोगी सामानों को मिलेगा नया उद्देश्य

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फरीदकोट में रोटरी क्लब और भारतीय सेना के सहयोग से ‘नेकी दी दीवार’ परियोजना की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत लोग अपने उपयोगी लेकिन अतिरिक्त सामान दान कर सकेंगे, जिन्हें जरूरतमंद परिवारों तक सम्मान और गरिमा के साथ पहुंचाया जाएगा।

फरीदकोट में समाज सेवा की नई मिसाल

जरूरतमंद लोगों की सहायता को सम्मान और आत्मसम्मान के साथ जोड़ने के उद्देश्य से फरीदकोट में एक अनोखी सामाजिक पहल की शुरुआत की गई है। रोटरी क्लब फरीदकोट और भारतीय सेना के संयुक्त सहयोग से शनिवार को ‘नेकी दी दीवार’ (Wall of Kindness) परियोजना का शुभारंभ किया गया।

यह पहल उन लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास है, जिन्हें दैनिक जीवन में आवश्यक वस्तुओं की जरूरत है, जबकि समाज के सक्षम वर्ग को अपने उपयोगी लेकिन अतिरिक्त सामान को दान करने का अवसर भी प्रदान करती है।


जरूरतमंदों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा उपयोगी सामान

कपड़ों से लेकर किताबों तक किया जा सकेगा दान

फरीदकोट कैंट रोड स्थित आर्मी TCP गेट नंबर-8 पर स्थापित इस केंद्र में लोग पुराने लेकिन उपयोगी कपड़े, किताबें, स्टेशनरी, खिलौने, जूते-चप्पल और अन्य घरेलू सामान दान कर सकेंगे।

इन वस्तुओं को बाद में जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।


भारतीय सेना की भागीदारी बनी पहल की खास पहचान

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता भारतीय सेना की सक्रिय भागीदारी है। सेना के जवान संग्रहण और वितरण केंद्र के संचालन तथा निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।

आयोजकों का मानना है कि सेना की मौजूदगी से लोगों में विश्वास बढ़ेगा और जरूरतमंद बिना किसी झिझक या संकोच के अपनी आवश्यक वस्तुएं प्राप्त कर सकेंगे।

सम्मान और गरिमा बनाए रखने पर जोर

इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के आत्मसम्मान की रक्षा करना भी है। लोग यहां अपनी जरूरत के अनुसार सामान चुन सकेंगे, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असहजता महसूस नहीं होगी।


तीन लाख रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना

रोटरी क्लब फरीदकोट के अध्यक्ष अश्वनी बंसल और सचिव दविंदर सिंह ने बताया कि ‘नेकी दी दीवार’ परियोजना की स्थापना पर लगभग 3 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का निर्माण रोटरी क्लब द्वारा कराया गया है, जबकि इसके रखरखाव और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी भारतीय सेना निभाएगी।

"करुणा और जरूरत के बीच एक पुल"

रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल पुरानी वस्तुएं रखने की जगह नहीं है, बल्कि समाज में करुणा और जरूरत के बीच एक मजबूत पुल का कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि कई घरों में ऐसे सामान पड़े होते हैं जिनका उपयोग नहीं हो रहा होता, लेकिन वही वस्तुएं किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।


स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिला बढ़ावा

कैंसर जांच शिविर का भी आयोजन

कार्यक्रम के दौरान मानवीय सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से कैंसर जांच वैन भी तैनात की गई।

यहां लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार के महत्व पर भी जागरूक किया।


सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने वाली पहल

‘नेकी दी दीवार’ न केवल जरूरतमंदों की मदद करने का माध्यम बनेगी, बल्कि समाज में दान, सहयोग और सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेगी। इस पहल के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया है कि छोटी-सी मदद भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।


Key Highlights:

  • फरीदकोट में ‘नेकी दी दीवार’ परियोजना का शुभारंभ।
  • रोटरी क्लब और भारतीय सेना का संयुक्त प्रयास।
  • जरूरतमंदों को मुफ्त कपड़े, किताबें, खिलौने और अन्य सामान मिलेगा।
  • परियोजना की स्थापना पर लगभग 3 लाख रुपये खर्च।
  • सेना करेगी केंद्र का संचालन और निगरानी।
  • आत्मसम्मान बनाए रखते हुए सहायता उपलब्ध कराने पर जोर।
  • बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की कैंसर जांच वैन ने भी दी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं।

FAQ Section

Q1. ‘नेकी दी दीवार’ क्या है?

यह एक सामुदायिक सेवा परियोजना है, जहां लोग उपयोगी सामान दान कर सकते हैं और जरूरतमंद लोग उन्हें निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं।

Q2. यह पहल किसने शुरू की है?

इस परियोजना की शुरुआत रोटरी क्लब फरीदकोट ने भारतीय सेना के सहयोग से की है।

Q3. किन वस्तुओं का दान किया जा सकता है?

कपड़े, किताबें, स्टेशनरी, खिलौने, जूते-चप्पल और अन्य उपयोगी घरेलू सामान दान किए जा सकते हैं।

Q4. परियोजना का संचालन कौन करेगा?

परियोजना का दैनिक संचालन और रखरखाव भारतीय सेना द्वारा किया जाएगा।

Q5. कार्यक्रम में और क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं?

कार्यक्रम स्थल पर मुफ्त कैंसर जांच और स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।


Conclusion:

फरीदकोट में शुरू की गई ‘नेकी दी दीवार’ सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। रोटरी क्लब और भारतीय सेना की यह संयुक्त पहल जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ उनके आत्मसम्मान को बनाए रखने का भी प्रयास करती है। ऐसी परियोजनाएं समाज में सेवा और सहयोग की भावना को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।Screenshot_2391

Edited By: Karan Singh

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