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ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर सख्ती की मांग, पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को सौंपा ज्ञापन
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की कार्रवाई की अपील, मरीजों की सुरक्षा और छोटे दवा विक्रेताओं की आजीविका पर जताई चिंता
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन (PCA) ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर तत्काल नियंत्रण लगाने की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन का कहना है कि बिना पर्याप्त नियमन के हो रही ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों की सुरक्षा और छोटे केमिस्ट कारोबारियों के लिए गंभीर चुनौती बन रही है।
ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन की आवाज
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन (PCA) ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण और प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन का कहना है कि बिना पर्याप्त नियामकीय व्यवस्था के हो रही ऑनलाइन दवा बिक्री सार्वजनिक स्वास्थ्य और छोटे दवा विक्रेताओं दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्पष्ट और कड़े नियम लागू करने की मांग की है।
मरीजों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और बिना परामर्श दवा वितरण पर सवाल
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दवाओं की बिक्री के दौरान पर्याप्त सत्यापन प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं।एसोसिएशन के सदस्य सुरिंदर दुग्गल ने कहा कि फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना उचित चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की होम डिलीवरी और अत्यधिक छूट जैसी प्रथाएं मरीजों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि दवाओं का उपयोग हमेशा योग्य चिकित्सकीय सलाह के आधार पर होना चाहिए और किसी भी अनियमितता से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
छोटे केमिस्ट कारोबारियों पर पड़ रहा प्रभाव
लाइसेंसधारी फार्मेसियों के सामने बढ़ी चुनौती
एसोसिएशन का दावा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही भारी छूट और आक्रामक विपणन रणनीतियों के कारण स्थानीय और लाइसेंसधारी केमिस्ट दुकानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि छोटे दवा विक्रेता वर्षों से नियमों का पालन करते हुए सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
कानूनी प्रावधानों को लेकर भी उठाए सवाल
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को लेकर Drugs and Cosmetics Act, 1940 तथा Drugs and Cosmetics Rules, 1945 में स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं हैं।
एसोसिएशन का आरोप है कि इसके बावजूद कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में स्पष्ट नियामकीय ढांचा और निगरानी तंत्र आवश्यक है।
कोविड-19 के दौरान मिली छूट के दुरुपयोग का आरोप
विशेष परिस्थितियों के लिए दी गई राहत का गलत इस्तेमाल?
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जो विशेष राहत और सुविधाएं प्रदान की गई थीं, उनका कुछ ऑनलाइन कंपनियां अब भी लाभ उठा रही हैं।
उनका कहना है कि महामारी के समय दी गई अस्थायी छूट का उपयोग सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार से की सख्त नियमन की मांग
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाए और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक नियामकीय कदम उठाए जाएं।
एसोसिएशन का कहना है कि स्पष्ट नियमों और प्रभावी निगरानी व्यवस्था से उपभोक्ताओं तथा पारंपरिक फार्मेसी व्यवसाय दोनों के हितों की रक्षा की जा सकती है।
Key Highlights:
- पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपा।
- ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
- फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और बिना परामर्श दवा वितरण पर चिंता जताई।
- भारी छूट से छोटे केमिस्ट कारोबार प्रभावित होने का दावा।
- दवा बिक्री संबंधी कानूनी प्रावधानों की स्पष्टता की मांग।
- कोविड-19 के दौरान मिली राहत के दुरुपयोग का आरोप।
- मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील।
FAQ Section
Q1. पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने क्या मांग की है?
एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर सख्त नियमन और सरकारी कार्रवाई की मांग की है।
Q2. ज्ञापन किसे सौंपा गया?
ज्ञापन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंपा गया।
Q3. एसोसिएशन की मुख्य चिंताएं क्या हैं?
फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श दवा वितरण, भारी छूट और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख चिंताएं हैं।
Q4. छोटे केमिस्ट्स को क्या नुकसान होने का दावा किया गया है?
एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की प्रतिस्पर्धा और भारी छूट के कारण लाइसेंसधारी केमिस्ट दुकानों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
Q5. क्या ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध की मांग की गई है?
ज्ञापन में मुख्य रूप से सख्त नियमन, निगरानी और कानूनी स्पष्टता की मांग की गई है ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Conclusion:
ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर बढ़ती बहस के बीच पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन ने मरीजों की सुरक्षा और छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। आने वाले समय में सरकार इस क्षेत्र के लिए किस प्रकार का नियामकीय ढांचा तैयार करती है, इस पर फार्मेसी उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों की नजर रहेगी।

