UPSC में पटियाला का परचम, शहर के तीन उम्मीदवार टॉप-100 में शामिल

सिमरनदीप कौर ने AIR-15 हासिल की; रसनित कौर और जयंत गर्ग भी सफल, शहर की शैक्षणिक परंपरा फिर हुई साबित

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पटियाला शहर ने एक बार फिर शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी पहचान कायम की है। इस साल UPSC सिविल सेवा परीक्षा में क्षेत्र के आठ उम्मीदवार सफल हुए, जिनमें से तीन पटियाला से हैं और उन्होंने टॉप-100 में जगह बनाई है।

प्रसिद्ध पटियाला पेग के लिए जाने जाने वाला Patiala शहर एक बार फिर शैक्षणिक उपलब्धि के कारण चर्चा में है। इस वर्ष की Union Public Service Commission Civil Services Examination में शहर के तीन उम्मीदवारों ने टॉप-100 में स्थान हासिल किया है।

अपनी मजबूत शैक्षणिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध पटियाला ने एक बार फिर अपने शैक्षणिक माहौल की ताकत दिखाई है। इस वर्ष क्षेत्र के कुल आठ उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की, जिनमें से तीन पटियाला के हैं।

इनमें 25 वर्षीय Simrandeep Kaur ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 15 हासिल की। परिणाम घोषित होने के बाद Birarhwal गांव में उनके घर पर जश्न का माहौल बन गया, जहां रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उनके माता-पिता कुलदीप सिंह और अमandeep कौर तथा उनके चाचा जगदीप सिंह को बधाई दी। सिमरनदीप एक किसान परिवार से संबंध रखती हैं।

वहीं 22 वर्षीय Rasneet Kaur, जो Punjab State Power Corporation Limited (PSPCL) के एक लाइनमैन की बेटी हैं, ने AIR 51 हासिल किया और यह परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास की।

इसके अलावा 25 वर्षीय Jayant Garg ने AIR 64 हासिल की।

इन तीनों की सफलता के बाद कई पूर्व और वर्तमान सिविल सेवकों तथा शिक्षाविदों ने इस बात पर चर्चा की कि पटियाला का शैक्षणिक वातावरण किस तरह से उनके करियर को आकार देने में मददगार रहा है।

पटियाला का सिविल सेवाओं में अच्छा रिकॉर्ड रहा है। यहां के कई छात्रों ने पहले भी इस परीक्षा में उच्च रैंक हासिल की है। खासकर Thapar Institute of Engineering and Technology और Government Medical College Patiala जैसे संस्थानों से पढ़े छात्रों ने पहले भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई है।

परिणाम घोषित होने के बाद कई वर्तमान और पूर्व नौकरशाहों ने शहर की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को याद किया।

पटियाला में कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान हैं, जिन्होंने कई सिविल सेवकों और पेशेवरों के करियर को दिशा दी है और वे अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।

यह शहर Ludhiana, Amritsar और Jalandhar जैसे बड़े शहरों की तुलना में अपेक्षाकृत शांत वातावरण प्रदान करता है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक Gurinder Singh Dhillon ने कहा कि पटियाला लंबे समय से शिक्षा का केंद्र रहा है, जिसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को प्रेरित किया है।

उन्होंने कहा,
“1988 में जब मैंने सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया, तो मैं पटियाला आ गया। तब से मैं यहीं रह रहा हूं और यह शहर मेरा घर और कर्मभूमि बन गया है।”

वहीं सेवानिवृत्त सर्जन और प्रोफेसर Dr Pyare Lal Garg ने कहा कि पहले पटियाला में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक मजबूत शैक्षणिक माहौल मौजूद था।

उन्होंने कहा कि Mahindra College Patiala, Multani Mal Modi College, Thapar Institute of Engineering and Technology, Khalsa College Patiala और Punjabi University Patiala जैसे संस्थानों के कारण यह शहर लंबे समय तक शिक्षा का केंद्र और कला-संस्कृति का संगम बना रहा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ इन संस्थानों में से कई में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिली है।

 
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Edited By: Karan Singh

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