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Punjab ISI Spy Network: दुबई से Instagram के जरिए पंजाब में युवाओं की भर्ती का आरोप, लुधियाना पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा
गुरदासपुर के युवक की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज, संवेदनशील इलाकों के पास Wi-Fi CCTV लगाने और सीमा पार हैंडलर्स को लाइव फीड देने का आरोप
पंजाब में कथित ISI जासूसी नेटवर्क की जांच में दुबई कनेक्शन सामने आया है। लुधियाना पुलिस के सूत्रों के मुताबिक पंजाब मूल का एक व्यक्ति Instagram के जरिए युवाओं को कथित तौर पर नेटवर्क से जोड़ रहा था।
पंजाब में कथित पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क की जांच के दौरान दुबई कनेक्शन सामने आने का दावा किया गया है। लुधियाना पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पंजाब मूल का एक व्यक्ति करीब तीन से चार महीने पहले दुबई चला गया था और वहां से कथित तौर पर ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में आया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि वह Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पंजाब में युवाओं को कथित खुफिया गतिविधियों के लिए भर्ती कर रहा था।
यह मामला गुरदासपुर के सराफकोट गांव निवासी रशपाल सिंह की 27 अगस्त को हुई गिरफ्तारी के बाद सामने आया। पुलिस के मुताबिक जांच में संवेदनशील स्थानों के आसपास CCTV कैमरे लगाने और उनका लाइव फीड कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाने की बात सामने आई है।
दुबई से Instagram के जरिए संपर्क का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दुबई में मौजूद संदिग्ध कथित तौर पर ISI हैंडलर्स और पंजाब में भर्ती किए गए लोगों के बीच संपर्क का माध्यम बना हुआ था। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि कथित नेटवर्क में शामिल लोगों तक हवाला चैनलों के जरिए पैसे पहुंचाए जाते थे।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, दुबई स्थित संदिग्ध ने Instagram के जरिए आकाश नाम के व्यक्ति को कथित ISI हैंडलर्स से जोड़ा। आरोप है कि इसके बाद आकाश को पंजाब में और लोगों की भर्ती करने के लिए कहा गया।
संवेदनशील स्थानों के पास CCTV लगाने का आरोप
जांच के अनुसार, कथित तौर पर भर्ती किए गए युवाओं को संवेदनशील स्थानों के आसपास Wi-Fi सुविधा वाले CCTV कैमरे लगाने के लिए कहा जाता था। इन कैमरों से प्राप्त जानकारी कथित रूप से सीमा पार मौजूद हैंडलर्स तक पहुंचाई जानी थी।
पुलिस का आरोप है कि नए recruits को surveillance equipment खरीदने और रणनीतिक स्थानों के आसपास परिसर किराये पर लेने के लिए करीब 50,000 रुपये अग्रिम दिए जाते थे।
लुधियाना में दुकान से CCTV लाइव फीड देने का दावा
पुलिस के मुताबिक रशपाल सिंह ने लुधियाना के फिरोजपुर रोड स्थित न्यू सुंदर नगर में Mediway Hospital के सामने एक दुकान किराये पर ली थी। यह स्थान बड्ढोवाल कैंटोनमेंट से करीब 6 किलोमीटर दूर बताया गया है।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि रशपाल ने दुकान के बाहर CCTV कैमरे लगाए और कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स को उनका लाइव-स्ट्रीम एक्सेस उपलब्ध कराया।
पुलिस का कहना है कि इन कैमरों का इस्तेमाल इलाके में सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने CCTV उपकरण बरामद किए
कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर दो CCTV कैमरे, एक Wi-Fi राउटर, पावर एडाप्टर और 64 GB का मेमोरी कार्ड बरामद किया।
पुलिस अब इन उपकरणों और उनसे जुड़े डिजिटल डेटा की जांच के जरिए कथित नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और उसकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।
कैमरों की लाइव फीड बंद होने के बाद दो गिरफ्तार
रशपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमृतसर जिले के रहने वाले वरिंदर मसीह और रोहित को भी गिरफ्तार किया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों कथित तौर पर ISI हैंडलर्स के निर्देश पर CCTV कैमरों की जांच करने लुधियाना पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि रशपाल की गिरफ्तारी और उपकरण जब्त होने के बाद कैमरों की लाइव फीड बंद हो गई थी।
दोनों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि रशपाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। वे जब कथित तौर पर कैमरों की स्थिति देखने के लिए मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
दुबई में बैठे संदिग्ध की भूमिका की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में उस पंजाब मूल के व्यक्ति की भूमिका सामने आई है, जो कुछ महीने पहले दुबई गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि उसने वहां कथित ISI ऑपरेटिव्स से संपर्क स्थापित किया और पंजाब में युवाओं की भर्ती का जिम्मा संभाला।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक दुबई स्थित संदिग्ध को मामले में औपचारिक रूप से नामजद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह पंजाब में कथित sleeper cells तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
Key Highlights:
- पंजाब में कथित ISI जासूसी नेटवर्क की जांच में दुबई कनेक्शन सामने आया।
- पुलिस के अनुसार Instagram के जरिए पंजाब में युवाओं से संपर्क किए जाने का संदेह है।
- मामले की जांच गुरदासपुर निवासी रशपाल सिंह की 27 अगस्त की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई।
- रशपाल पर लुधियाना में संवेदनशील इलाके के पास CCTV कैमरे लगाने का आरोप है।
- पुलिस ने दो CCTV कैमरे, Wi-Fi राउटर, पावर एडाप्टर और 64 GB मेमोरी कार्ड बरामद किया।
- अमृतसर जिले के वरिंदर मसीह और रोहित को भी गिरफ्तार किया गया।
- जांचकर्ताओं के मुताबिक कथित recruits को surveillance equipment और परिसर के लिए करीब 50,000 रुपये अग्रिम दिए जाते थे।
- पुलिस दुबई में मौजूद पंजाब मूल के संदिग्ध की भूमिका की जांच कर रही है।
- मामले में संदिग्ध की औपचारिक गिरफ्तारी/नामजदगी की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।
FAQ Section:
पंजाब में कथित ISI नेटवर्क की जांच कैसे शुरू हुई?
लुधियाना पुलिस की जांच गुरदासपुर के सराफकोट गांव निवासी रशपाल सिंह की 27 अगस्त को हुई गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ी। इसके बाद कथित CCTV निगरानी नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई।
पुलिस के अनुसार Instagram का इस्तेमाल किस लिए किया गया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक Instagram के जरिए कथित तौर पर पंजाब में युवाओं से संपर्क कर उन्हें खुफिया गतिविधियों के लिए भर्ती करने का प्रयास किया गया।
रशपाल सिंह पर क्या आरोप है?
पुलिस का आरोप है कि रशपाल ने लुधियाना में एक दुकान किराये पर लेकर उसके बाहर CCTV कैमरे लगाए और उनका लाइव फीड कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स को उपलब्ध कराया।
पुलिस ने क्या सामान बरामद किया?
जांच के दौरान दो CCTV कैमरे, एक Wi-Fi राउटर, पावर एडाप्टर और 64 GB मेमोरी कार्ड बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
वरिंदर मसीह और रोहित को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुलिस के अनुसार दोनों कथित तौर पर CCTV कैमरों की जांच करने लुधियाना पहुंचे थे। यह कार्रवाई कैमरों की लाइव फीड बंद होने के बाद की गई थी।
दुबई कनेक्शन क्या है?
जांचकर्ताओं के अनुसार पंजाब मूल का एक व्यक्ति करीब तीन से चार महीने पहले दुबई गया था और वहां कथित ISI ऑपरेटिव्स के संपर्क में आया। पुलिस को संदेह है कि उसने पंजाब में युवाओं की भर्ती में भूमिका निभाई।
Conclusion:
पंजाब में कथित ISI जासूसी नेटवर्क की जांच ने अब दुबई तक अपनी कड़ियां जोड़ ली हैं। लुधियाना पुलिस के अनुसार Instagram के जरिए युवाओं की कथित भर्ती, संवेदनशील इलाकों के पास CCTV निगरानी और सीमा पार हैंडलर्स तक जानकारी पहुंचाने की आशंका की जांच की जा रही है। रशपाल सिंह समेत तीन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब दुबई में मौजूद पंजाब मूल के संदिग्ध और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका खंगाल रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
