एडेड स्कूल कर्मचारियों की 8 महीने से सैलरी अटकी, हजारों परिवार आर्थिक संकट में; ऑडिट आपत्तियों का दिया जा रहा हवाला

Aided School Employees Association ने उठाया मुद्दा, कर्मचारियों का आरोप- फाइलें DPI और वित्त विभाग के बीच अटकीं

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एडेड स्कूलों के हजारों शिक्षक और कर्मचारी पिछले आठ महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि ऑडिट आपत्तियों के नाम पर ग्रांट रोकी गई है और मंजूरी की फाइलें सरकारी कार्यालयों में लंबित हैं।

 

एडेड स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के सामने लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। Aided School Employees Association ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अधिकांश कर्मचारियों को पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि कुछ कर्मचारियों का वेतन करीब 20 महीने से लंबित है।

कर्मचारियों के अनुसार वेतन रुकने से हजारों कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांट को ‘ऑडिट आपत्तियों’ का हवाला देकर रोक दिया गया है।

आठ महीने से वेतन का इंतजार

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकांश एडेड स्कूल कर्मचारियों को पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों के सामने रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

एसोसिएशन के राज्य प्रेस सचिव मनीष अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों की आठ महीने की सैलरी लंबित है, जबकि कुछ कर्मचारियों को 20 महीने से वेतन नहीं मिला।

ग्रांट रोके जाने पर कर्मचारियों में नाराजगी

शिक्षकों का कहना है कि ग्रांट रोकने के पीछे ‘ऑडिट आपत्तियों’ को वजह बताया जा रहा है। उनका आरोप है कि जिन स्कूलों की ऑडिट संबंधी आपत्तियां तीन-चार महीने पहले ही दूर हो चुकी हैं, उनसे संबंधित दस्तावेज अब भी अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में लंबित पड़े हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि आपत्तियां दूर होने के बावजूद फाइलों को आगे बढ़ाने और मंजूरी देने में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है।

DPI और वित्त विभाग में फाइलें लंबित होने का आरोप

एसोसिएशन के अनुसार संबंधित दस्तावेज DPI कार्यालय तक पहुंचने के बाद भी फाइलों के निपटारे में देरी हो रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहती हैं या फिर वित्त विभाग के अधिकारियों के पास लंबित पड़ी रहती हैं।

उनका कहना है कि यदि समय पर फाइलों को मंजूरी मिल जाए तो कर्मचारियों को लंबित वेतन जारी किया जा सकता है और उनके आर्थिक संकट को कम किया जा सकता है।

ग्रांट जारी होने पर भी पूरी सैलरी मिलने में लगेगा समय

मनीष अग्रवाल ने कहा कि यदि अब ग्रांट जारी भी कर दी जाती है तो कर्मचारियों को तत्काल पूरा लंबित वेतन मिलने की संभावना नहीं है।

उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति में ग्रांट जारी होने पर भी कर्मचारियों को शुरुआत में केवल दो या तीन महीने का वेतन मिल पाने की संभावना है। इससे कर्मचारियों की लंबित राशि का भुगतान और आगे खिंच सकता है।

Key Highlights:

  • एडेड स्कूलों के कर्मचारियों और शिक्षकों का वेतन आठ महीने से लंबित है।
  • कुछ कर्मचारियों को करीब 20 महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा किया गया है।
  • Aided School Employees Association ने मामले को उठाया है।
  • कर्मचारियों का कहना है कि ग्रांट ‘ऑडिट आपत्तियों’ के कारण रोकी गई है।
  • जिन स्कूलों की ऑडिट आपत्तियां दूर हो चुकी हैं, उनकी फाइलें भी लंबित होने का आरोप है।
  • दस्तावेज DPI कार्यालय और वित्त विभाग में अटके होने की बात कही गई है।
  • लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण हजारों कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं।
  • एसोसिएशन के अनुसार ग्रांट जारी होने के बाद भी शुरुआत में केवल दो-तीन महीने का वेतन मिल सकता है।

FAQ Section:

एडेड स्कूल कर्मचारियों को कितने समय से वेतन नहीं मिला है?

Aided School Employees Association के अनुसार अधिकांश कर्मचारियों को पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिला है।

क्या कुछ कर्मचारियों का वेतन इससे भी अधिक समय से लंबित है?

हां। एसोसिएशन के राज्य प्रेस सचिव मनीष अग्रवाल के अनुसार कुछ कर्मचारियों को करीब 20 महीने से वेतन नहीं मिला है।

वेतन रोकने की क्या वजह बताई जा रही है?

कर्मचारियों के अनुसार स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट ‘ऑडिट आपत्तियों’ के कारण रोकी गई है।

ऑडिट आपत्तियां दूर होने के बाद भी समस्या क्यों बनी हुई है?

कर्मचारियों का आरोप है कि कई स्कूलों की आपत्तियां तीन-चार महीने पहले दूर हो चुकी हैं, लेकिन संबंधित दस्तावेज अभी भी विभिन्न सरकारी कार्यालयों में लंबित हैं।

फाइलें कहां लंबित होने का आरोप है?

एसोसिएशन के अनुसार फाइलें DPI कार्यालय और वित्त विभाग के स्तर पर मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।

क्या ग्रांट जारी होने पर पूरा बकाया वेतन मिल जाएगा?

एसोसिएशन के अनुसार ऐसा तुरंत होना मुश्किल है। ग्रांट जारी होने पर भी शुरुआत में केवल दो या तीन महीने का वेतन मिलने की संभावना जताई गई है।

Conclusion:

एडेड स्कूल कर्मचारियों का आठ महीने से वेतन लंबित होना गंभीर प्रशासनिक और आर्थिक चिंता का विषय बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि जिन मामलों में ऑडिट आपत्तियां दूर हो चुकी हैं, उनकी फाइलों को भी जल्द मंजूरी मिलनी चाहिए। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को अब सरकार से लंबित ग्रांट और वेतन जारी करने के लिए त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।Screenshot_746

Edited By: Atul Sharma

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