Punjab Agricultural University (पीएयू) ने “New-age pedagogy for teachers” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के शीर्ष रैंकिंग संस्थानों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया।
“Empowering educators: Tech-driven Strategies for ethical and engaging pedagogy” विषय पर व्याख्यान देते हुए Arshinder Kaur, Indian Institute of Technology Madras से, ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षण को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। इससे छात्रों, शिक्षकों और अकादमिक समुदाय के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम अधिक कुशल बनेंगे।
उन्होंने एआई के नैतिक उपयोग और समावेशी शिक्षण पर बल देते हुए समानता और विविधता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा, “यदि छात्र एआई का उपयोग कर रहे हैं, तो हम उन्हें रोक नहीं सकते। उन्हें सीखने के लिए इसका उपयोग करना चाहिए, लेकिन निगरानी के तहत।” साथ ही उन्होंने प्लेजरिज्म को एआई की एक बड़ी चुनौती बताया।
“Smart and innovative teaching tools” विषय पर व्याख्यान देते हुए GR Ramakrishna Murthy, National Academy of Agricultural Research Management (नार्म), हैदराबाद से, ने वर्तमान समय में तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला। 26 वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले मूर्ति ने कहा कि एआई एकरस और दोहराव वाले कार्यों को आसान बनाता है, जिससे बेहतर कार्यों के लिए अधिक समय मिलता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक निर्भरता लोगों की सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
वहीं Krishanan Murugesan, Indian Institute of Technology Roorkee के प्रोफेसर, ने शिक्षण प्रक्रिया को सुगम बनाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों से सख्ती के बजाय सकारात्मक और अनुकूल शिक्षण वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया।

