गढ़शंकर के बाबर अकाली मेमोरियल खालसा कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विशेष व्याख्यान

पंजाबी भाषा के संरक्षण और प्रसार पर जोर, प्रख्यात वक्ताओं ने साझा किए विचार

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Babbar Akali Memorial Khalsa College Garhshankar में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान आयोजित कर पंजाबी भाषा के महत्व और संरक्षण पर बल दिया गया।

Babbar Akali Memorial Khalsa College Garhshankar, जिसका प्रबंधन Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee द्वारा किया जाता है, में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रिंसिपल डॉ. अमनदीप हीरा के नेतृत्व में किया गया।

प्रसिद्ध कथाकार Ajmer Sidhu और विख्यात शिक्षाविद् Dr Keval Ram मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. लखविंदरजीत कौर ने अतिथियों का पौधों के साथ स्वागत कर की। अपने संबोधन में उन्होंने मातृभाषा की पहचान और सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि सभी भाषाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अपनी भाषा का संरक्षण समय की मांग है।

प्रो. सौरव दादरी ने डॉ. केवल राम का परिचय देते हुए उनके जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. राम ने मातृभाषा के विकास, सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब की भाषा होने के बावजूद पंजाबी के साथ विभिन्न स्तरों पर भेदभाव हुआ है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों से पंजाबी के प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।

पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. कंवलजीत कौर ने कहा कि मातृभाषा के प्रति सम्मान को परिवार से समाज तक विस्तार देना चाहिए। उन्होंने ऐसे आयोजनों को युवाओं को पंजाबी भाषा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

अंत में अजीमेर सिद्धू ने विद्यार्थियों को पंजाबी भाषा को संजोकर रखने के साथ-साथ बौद्धिक विकास के लिए अन्य भाषाएं सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने मातृभाषा की उपेक्षा के दुष्परिणामों का उल्लेख करते हुए शिक्षा नीतियों में मातृभाषा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।Screenshot_1450

Edited By: Karan Singh

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