मोगा DC ऑफिस पर खालिस्तानी झंडा फहराने के मामले में दो दोषी करार, 5 साल 6 महीने की सजा

NIA कोर्ट का फैसला, SFJ के उकसावे पर की गई थी घटना

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मोहाली की NIA अदालत ने 2020 में मोगा में सरकारी भवन पर खालिस्तानी झंडा फहराने के मामले में दो आरोपियों को सजा सुनाई है।

मोहाली की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने 2020 में पंजाब के मोगा में एक सरकारी इमारत पर खालिस्तानी झंडा फहराने के मामले में दो व्यक्तियों को दोषी ठहराते हुए 5 साल और 6 महीने की सजा सुनाई है।

दोषियों की पहचान मोगा निवासी इंदरजीत सिंह और जसपाल सिंह के रूप में हुई है। दोनों पर भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में 16,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

NIA ने पहले इस मामले में इन दोनों के साथ दो अन्य गिरफ्तार आरोपियों और अमेरिका में रहने वाले दो फरार आरोपियों—गुरपतवंत सिंह पन्नून और उसके सहयोगी राणा सिंह उर्फ हरप्रीत सिंह—के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। पन्नून और हरप्रीत, जो ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जुड़े हैं, को 2021 में अदालत द्वारा घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित किया गया था।

इंदरजीत और जसपाल ने 14 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मोगा के उपायुक्त कार्यालय की इमारत पर खालिस्तानी झंडा फहराया था। यह काम उन्होंने SFJ, जिसे एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया है, से नकद इनाम के बदले किया था।

दोनों आरोपी प्रशासनिक परिसर में दाखिल हुए और इमारत की छत पर जाकर लोहे के खंभे पर केसरिया-पीले रंग का झंडा फहराया, जिस पर ‘खालिस्तान’ लिखा हुआ था।

उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान किया, उसकी रस्सी काटकर उसे नीचे गिरा दिया और उसके बाद तिरंगे को घसीटा।Screenshot_921

Edited By: Karan Singh

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