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तीर्थ स्थलों के आसपास बनेगा ‘सीनियर लिविंग’ का नया बाजार, सांस्कृतिक पर्यटन से रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव: अबिनंदन लोढ़ा
HT रियल एस्टेट समिट 2026 में बोले विशेषज्ञ—अयोध्या जैसे धार्मिक शहरों में निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से खुलेंगे नए अवसर
भारत के मंदिर नगरों में बढ़ते सांस्कृतिक पर्यटन के चलते वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए ‘सीनियर लिविंग’ समुदाय उभर सकते हैं। विशेषज्ञों ने इसे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ा अवसर बताया है।
धार्मिक शहर बनेंगे रियल एस्टेट ग्रोथ के नए केंद्र
भारत में बढ़ते सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के चलते आने वाले समय में सीनियर लिविंग कम्युनिटी और हेल्थकेयर आधारित आवासीय मॉडल तेजी से विकसित हो सकते हैं। यह विचार HT इंडिया नेक्स्ट रियल एस्टेट समिट 2026 में सामने आया।
तीर्थ स्थलों के आसपास बढ़ेगा निवेश
द हाउस ऑफ अबिनंदन लोढ़ा के संस्थापक और CMD अबिनंदन लोढ़ा ने कहा कि जैसे-जैसे लोग धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर अधिक समय बिताने लगेंगे, वैसे-वैसे वहां का इकोसिस्टम भी विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि इससे—- हेल्थकेयर सेवाएं
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास
- शांत जीवनशैली आधारित प्रोजेक्ट्स
जैसे सेक्टर तेजी से बढ़ेंगे।
सीनियर लिविंग का नया ट्रेंड उभरने की संभावना
CBRE इंडिया के CEO (इंडिया, SEA, MEA) अंशुमान मैगज़ीन ने कहा कि सांस्कृतिक स्थलों के आसपास विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में सीनियर लिविंग के लिए बड़ा आधार बन सकता है।
उनके अनुसार, यह बदलाव धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से दिखाई देगा।
अयोध्या और राम मंदिर का उदाहरण
अबिनंदन लोढ़ा ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि राम मंदिर बनने के बाद वहां पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में सालाना लगभग 25 करोड़ पर्यटक आते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट दोनों में तेज़ी आई है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण भूमि की कीमतें और निवेश दोनों में वृद्धि देखी जा रही है।
दीर्घकालिक आर्थिक अवसर का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह लंबी अवधि के आर्थिक विकास और रियल एस्टेट विस्तार का माध्यम बन सकता है।
Key Highlights:
- धार्मिक शहरों में सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट्स की संभावना
- HT रियल एस्टेट समिट 2026 में चर्चा
- अयोध्या को उदाहरण के रूप में पेश किया गया
- हेल्थकेयर और लाइफस्टाइल सेवाओं की बढ़ती मांग
- सांस्कृतिक पर्यटन से रियल एस्टेट ग्रोथ का अनुमान
FAQ Section
Q1. सीनियर लिविंग क्या है?
उत्तर: यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई आवासीय सुविधा होती है।
Q2. किन शहरों में यह ट्रेंड बढ़ सकता है?
उत्तर: अयोध्या जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों में।
Q3. इस बदलाव का कारण क्या है?
उत्तर: बढ़ता सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन।
Q4. कौन-कौन से सेक्टर प्रभावित होंगे?
उत्तर: रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और टूरिज्म।
Q5. यह विचार किसने रखा?
उत्तर: अबिनंदन लोढ़ा और अन्य विशेषज्ञों ने।
Conclusion
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव से भारत में रियल एस्टेट का स्वरूप बदलने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में तीर्थ स्थलों के आसपास सीनियर लिविंग और लाइफस्टाइल प्रोजेक्ट्स एक बड़े बाजार के रूप में उभर सकते हैं।

