- Hindi News
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- अक्षय तृतीया से पहले बरेली में गूंजा ‘झुमका गिरा रे’, बाजारों में बढ़ी रौनक
अक्षय तृतीया से पहले बरेली में गूंजा ‘झुमका गिरा रे’, बाजारों में बढ़ी रौनक
आशा भोसले के मशहूर गीत की यादों के बीच झुमकों की खरीदारी तेज
अक्षय तृतीया के मौके से पहले बरेली के बाजारों में झुमकों की मांग बढ़ गई है। ‘झुमका गिरा रे’ गीत की लोकप्रियता और त्योहार की खरीदारी ने बाजारों में खास उत्साह भर दिया है।
बरेली और झुमकों का रिश्ता काफी पुराना और मशहूर है। खासकर जब अक्षय तृतीया नजदीक हो और आशा भोसले का प्रसिद्ध गीत झुमका गिरा रे लोगों के मन में ताजा हो जाए, तो बाजारों में अलग ही रौनक देखने को मिलती है।
त्योहार से दो दिन पहले ही बरेली के बाजारों में झुमकों की खरीदारी जोरों पर है। दुकानों में पारंपरिक से लेकर आधुनिक डिजाइन वाले झुमके ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
यह ‘चांदेलियर ईयररिंग’ यानी झुमके अब केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं, जो इस शहर की खासियत को दर्शाते हैं।
दुकानदारों का कहना है कि अक्षय तृतीया के अवसर पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है, इसलिए इस समय झुमकों की बिक्री में तेजी आती है।
ग्राहक भी पुराने गीतों और परंपराओं से जुड़ाव महसूस करते हुए झुमकों की खरीदारी कर रहे हैं। ‘झुमका गिरा रे’ गीत की लोकप्रियता ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है।
इस तरह, बरेली के बाजारों में इस समय परंपरा, संगीत और त्योहार का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जो शहर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखता है।
