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अमेठी में ₹4 करोड़ सरकारी गबन मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, यूपी के 5 जिलों में 14 ठिकानों पर छापेमारी
बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी धन के कथित गबन की जांच तेज, हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने दर्ज किया मामला।
उत्तर प्रदेश के अमेठी में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कथित ₹4 करोड़ के सरकारी धन गबन मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने लखनऊ समेत पांच जिलों में 14 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
₹4 करोड़ सरकारी धन गबन मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के अमेठी में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कथित ₹4 करोड़ के सरकारी धन गबन मामले की जांच तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को राज्य के पांच जिलों में 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश पर दर्ज मामले के तहत की गई।
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (लखनऊ) इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इन पांच जिलों में हुई छापेमारी
सीबीआई की टीमों ने जिन जिलों में कार्रवाई की, उनमें शामिल हैं—- लखनऊ
- अयोध्या
- कुशीनगर
- प्रतापगढ़
- अमेठी
अधिकारियों ने विभिन्न आरोपियों और संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई के अनुसार, यह मामला मूल रूप से 21 मार्च 2025 को अमेठी के गौरीगंज थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज के वित्त एवं लेखा अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई थी।
बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश पर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
किन अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगे हैं आरोप?
मामले में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें शामिल हैं—
- तत्कालीन जूनियर अकाउंट्स क्लर्क मनोज कुमार मालवीय
- ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह
- ब्लॉक MIS कोऑर्डिनेटर शिवम कुमार पांडेय
- जगदीशपुर के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार द्विवेदी
- गौरीगंज के प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ला
इसके अलावा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CBI का आरोप: सरकारी धन को खातों में किया ट्रांसफर
सीबीआई का आरोप है कि तत्कालीन जूनियर अकाउंट्स क्लर्क मनोज कुमार मालवीय ने अन्य आरोपियों और अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक साजिश रची।
जांच एजेंसी के अनुसार, सरकारी कोष से धन को कथित तौर पर विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से ट्रांसफर किया गया, जिससे करीब ₹4 करोड़ की राशि का गबन किया गया।
छापेमारी में मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य
सीबीआई ने बताया कि आरोपियों और संदिग्धों के पते एवं पहचान सत्यापित करने के बाद बुधवार को समन्वित छापेमारी की गई।
तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की है। इन साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई इन्हीं के आधार पर की जाएगी।
जांच अभी जारी
सीबीआई का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Key Highlights:
- अमेठी के ₹4 करोड़ गबन मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई।
- यूपी के 5 जिलों में 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी।
- बेसिक शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने संभाली जांच।
- दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त, जांच जारी।
FAQ Section:
Q1. यह मामला किस विभाग से जुड़ा है?
यह मामला उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कथित सरकारी धन गबन का है।
Q2. CBI ने किन जिलों में छापेमारी की?
लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी में।
Q3. कथित गबन की राशि कितनी है?
सीबीआई के अनुसार, लगभग ₹4 करोड़ के सरकारी धन के गबन का आरोप है।
Q4. जांच CBI को कैसे मिली?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
Conclusion:
अमेठी के कथित ₹4 करोड़ सरकारी धन गबन मामले में सीबीआई की यह कार्रवाई जांच को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। एजेंसी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मामले की तह तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

