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20 साल के विकास का रोडमैप तैयार, NCR रीजनल प्लान-2041 को मिली मंजूरी की राह
करीब पांच साल की देरी के बाद एनसीआर के 55,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के विकास, परिवहन, आवास और पर्यावरण संरक्षण की नई रूपरेखा तैयार।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के आगामी दो दशकों के विकास का खाका तैयार करने वाले रीजनल प्लान-2041 को मंजूरी की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना को स्वीकृति के लिए हरी झंडी दी गई।
NCR के विकास को नई दिशा देगा रीजनल प्लान-2041
करीब पांच वर्षों की देरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के दीर्घकालिक विकास से जुड़े रीजनल प्लान-2041 को मंजूरी के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की बैठक में इस योजना को स्वीकृति के लिए क्लियर किया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं मंत्री भी शामिल हुए।
15 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपेगी उप-समिति
बैठक में केंद्र और एनसीआर राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उप-समिति गठित की गई है, जो 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद योजना को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भेजा जाएगा। मंत्रालय की स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
क्या है रीजनल प्लान-2041?
रीजनल प्लान-2041 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक दीर्घकालिक विकास योजना है। इसके तहत भूमि उपयोग, आवास, परिवहन, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियम तय किए जाएंगे। यह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में विकास की दिशा तय करेगा।इस योजना के तहत यह निर्धारित होगा कि नए शहर और कस्बे कहां विकसित होंगे, उद्योग और आवासीय क्षेत्र कैसे बढ़ेंगे, परिवहन नेटवर्क किस प्रकार तैयार होगा और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण कैसे किया जाएगा।
1985 के कानून के तहत लागू होगी योजना
एनसीआर योजना बोर्ड अधिनियम, 1985 के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य रीजनल प्लान के विपरीत नहीं किया जा सकता। यदि किसी अन्य कानून से टकराव होता है तो इस अधिनियम के प्रावधान प्रभावी माने जाएंगे।
जब तक रीजनल प्लान-2041 को औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक रीजनल प्लान-2021 प्रभावी रहेगा।
55 हजार वर्ग किलोमीटर तक फैला है NCR
वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का विस्तार 55,083 वर्ग किलोमीटर तक हो चुका है। वर्ष 1989 में पहली बार अधिसूचित योजना के समय इसका क्षेत्रफल 30,242 वर्ग किलोमीटर था।
आज एनसीआर में दिल्ली के अलावा हरियाणा के 14 जिले, उत्तर प्रदेश के 8 जिले और राजस्थान के 2 जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों का समूह है, जिनकी आर्थिक और भौगोलिक धुरी दिल्ली है।
2041 तक 11 से 15 करोड़ तक पहुंच सकती है आबादी
2011 की जनगणना के अनुसार एनसीआर की आबादी 5.81 करोड़ थी। रीजनल प्लान-2041 के मसौदे के अनुसार वर्ष 2031 तक यह संख्या लगभग 7 करोड़ और 2041 तक 11 करोड़ तक पहुंच सकती है।
हालांकि बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर की आबादी करीब 7 करोड़ है और अगले 15 वर्षों में यह बढ़कर लगभग 15 करोड़ तक पहुंच सकती है।
Key Highlights:
- रीजनल प्लान-2041 को मंजूरी की दिशा में मिली बड़ी सफलता।
- पांच साल की देरी के बाद NCRPB बैठक में योजना को मिली स्वीकृति।
- 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के विकास का बनेगा नया रोडमैप।
- 15 अगस्त तक उप-समिति सौंपेगी अंतिम रिपोर्ट।
- भूमि उपयोग, परिवहन, आवास और पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस।
- 2041 तक एनसीआर की आबादी 11 से 15 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान।
Conclusion:
रीजनल प्लान-2041 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के संतुलित और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने से एनसीआर में शहरीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार, परिवहन व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।

