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CM भगवंत मान के फगवाड़ा दौरे से पहले किसानों की चेतावनी, गन्ना बकाया नहीं मिला तो सभी रास्ते होंगे जाम
बीकेयू (दोआबा) ने 28 करोड़ रुपये के लंबित गन्ना भुगतान की मांग उठाई, वहीं शिअद ने फगवाड़ा को जिला बनाने का वादा पूरा करने की याद दिलाई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के फगवाड़ा में प्रस्तावित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम से एक दिन पहले भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) ने गन्ना किसानों के 28 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को लेकर बड़ा ऐलान किया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले सभी रास्तों को जाम किया जाएगा।
CM के फगवाड़ा दौरे से पहले बढ़ा सियासी और किसान आंदोलन का दबाव
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गुरुवार को फगवाड़ा के गांधी चौक में आयोजित होने वाले लोक मिलनी कार्यक्रम से पहले किसानों और विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) ने गन्ना किसानों के लंबित भुगतान को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जबकि शिरोमणि अकाली दल ने फगवाड़ा को जिला बनाने के पुराने वादे को पूरा करने की मांग दोहराई है।
28 करोड़ रुपये के गन्ना भुगतान की मांग
भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के अध्यक्ष मनजीत सिंह राय ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने फगवाड़ा शुगर मिल का बकाया भुगतान 30 अप्रैल 2024 तक जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक किसानों को भुगतान नहीं मिला।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री कार्यक्रम से पहले किसानों के साथ बातचीत कर समाधान नहीं निकालते हैं तो किसान न केवल लोक मिलनी का बहिष्कार करेंगे, बल्कि कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले सभी रास्तों को भी जाम करेंगे।पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर
किसानों की चेतावनी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और उनके आवागमन के लिए निर्बाध मार्ग सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटी हैं।
अकाली दल ने जिला बनाने का मुद्दा उठाया
इधर, शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी मुख्यमंत्री के दौरे से पहले फगवाड़ा को जिला बनाने की मांग दोहराई।
पार्टी के फगवाड़ा शहरी हलका प्रभारी रंजीत सिंह खुराना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कई बार शहर का दौरा कर फगवाड़ा को जिला बनाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
SAD ने विकास कार्यों को लेकर भी सरकार को घेरा
फगवाड़ा ग्रामीण से शिअद नेता राजिंदर सिंह चांदी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि—
- खेल स्टेडियम का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ।
- सिविल अस्पताल को तत्काल सुधार की आवश्यकता है।
- बरसात के दौरान शहर के बाजारों में जलभराव की समस्या बनी रहती है।
- कोर्ट परिसर की इमारतों की स्थिति खराब है।
- सार्वजनिक शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मुख्यमंत्री के दौरे पर टिकी सभी की नजर
मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस दौरे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल तेज है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार किसानों की मांगों और फगवाड़ा को जिला बनाने की मांग पर क्या रुख अपनाती है।
Key Highlights:
- CM भगवंत मान की लोक मिलनी से पहले किसानों की बड़ी चेतावनी।
- बीकेयू (दोआबा) ने 28 करोड़ रुपये के गन्ना बकाया भुगतान की मांग की।
- मांग पूरी नहीं होने पर कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले रास्ते जाम करने की चेतावनी।
- पुलिस और खुफिया एजेंसियां सुरक्षा व्यवस्था में जुटीं।
- शिरोमणि अकाली दल ने फगवाड़ा को जिला बनाने की मांग दोहराई।
- विपक्ष ने अधूरे विकास कार्यों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
FAQ Section:
Q1. किसानों ने किस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है?
गन्ना किसानों के लगभग 28 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान को लेकर।
Q2. किसानों ने क्या चेतावनी दी है?
यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले सभी रास्तों को जाम किया जाएगा।
Q3. शिरोमणि अकाली दल ने क्या मांग की है?
फगवाड़ा को जिला बनाने के लंबे समय से किए गए वादे को पूरा करने की मांग की है।
Q4. विपक्ष ने और कौन से मुद्दे उठाए हैं?
अधूरे विकास कार्य, खेल स्टेडियम, सिविल अस्पताल, जलभराव, कोर्ट परिसर और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।
Conclusion:
मुख्यमंत्री भगवंत मान के फगवाड़ा दौरे से पहले किसानों की चेतावनी और विपक्ष की मांगों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। गन्ना भुगतान, जिला बनाने की मांग और विकास कार्यों जैसे मुद्दे अब मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रमुख विषय बन सकते हैं। प्रशासन भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

