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अग्निवीरों को उच्च शिक्षा का बड़ा अवसर: GNDU और सिख रेजिमेंटल सेंटर के बीच हुआ समझौता
एमओयू के तहत सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर ऑनलाइन माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम कर सकेंगे।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) और भारतीय सेना के सिख रेजिमेंटल सेंटर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। इस पहल के तहत अग्निवीर अब सेना में सेवा के दौरान विश्वविद्यालय के यूजीसी-मान्यता प्राप्त ऑनलाइन और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
अग्निवीरों की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
देश की सेवा कर रहे अग्निवीरों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने भारतीय सेना के सिख रेजिमेंटल सेंटर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अग्निवीरों को सेवा के दौरान ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सैन्य सेवा के साथ-साथ शैक्षणिक रूप से भी सशक्त बनाना है।
उपकुलपति कार्यालय में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर
यह समझौता विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ।इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह, ब्रिगेडियर दिग्विजय सिंह (SM), कमांडेंट, सिख रेजिमेंटल सेंटर, कर्नल नितिन गौतम (CO 4 Sikh) तथा मेजर डीवी बसनेट (KC), 2IC 4 Sikh सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे विभिन्न पाठ्यक्रम
एमओयू के तहत अग्निवीर सेना में अपनी सेवा जारी रखते हुए GNDU के निदेशालय ऑफ ऑनलाइन स्टडीज़ के माध्यम से यूजीसी से अनुमोदित ऑनलाइन और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।
इनमें शामिल हैं—
- स्नातक (UG) पाठ्यक्रम
- स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम
- डिप्लोमा कोर्स
- सर्टिफिकेट प्रोग्राम
इस व्यवस्था से अग्निवीर अपनी सैन्य जिम्मेदारियों के साथ-साथ शिक्षा भी जारी रख सकेंगे।
युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने इस सहयोग को अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा कर रहे युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और यह पहल अग्निवीरों के करियर विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।
सेना और शिक्षा संस्थान के बीच मजबूत सहयोग
इस समझौते से विश्वविद्यालय और भारतीय सेना के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। इससे अग्निवीरों को सेवा के दौरान ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में उनके रोजगार और करियर की संभावनाएं भी बेहतर होंगी।
Key Highlights:
- GNDU और सिख रेजिमेंटल सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर।
- अग्निवीरों को सेवा के दौरान उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
- यूजीसी-स्वीकृत ODL और ऑनलाइन कार्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश।
- स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध होंगे।
- पहल का उद्देश्य अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है।
FAQ Section:
Q1. GNDU ने किस संस्था के साथ एमओयू किया है?
GNDU ने भारतीय सेना के सिख रेजिमेंटल सेंटर के साथ समझौता किया है।
Q2. इस समझौते का लाभ किसे मिलेगा?
इसका लाभ अग्निपथ योजना के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों को मिलेगा।
Q3. अग्निवीर कौन-कौन से पाठ्यक्रम कर सकेंगे?
वे स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे।
Q4. यह शिक्षा किस माध्यम से उपलब्ध होगी?
GNDU के यूजीसी-मान्यता प्राप्त ऑनलाइन और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों के माध्यम से।
Conclusion:
GNDU और सिख रेजिमेंटल सेंटर के बीच हुआ यह समझौता अग्निवीरों के लिए शिक्षा और करियर विकास की नई संभावनाएं लेकर आया है। यह पहल सैन्य सेवा के साथ उच्च शिक्षा को जोड़ते हुए युवाओं को भविष्य के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

