- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- CM भगवंत मान के दौरे से पहले OPS समर्थकों पर कार्रवाई का आरोप, कई नेता हिरासत में, काले झंडे का प्रद...
CM भगवंत मान के दौरे से पहले OPS समर्थकों पर कार्रवाई का आरोप, कई नेता हिरासत में, काले झंडे का प्रदर्शन टला
पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति और CPF यूनियन ने नेताओं की हिरासत और नजरबंदी की निंदा की, पुलिस थानों के बाहर किया विरोध प्रदर्शन।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के होशियारपुर दौरे से पहले पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति और CPF यूनियन पंजाब के कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने और नजरबंद किए जाने का आरोप लगा है। इसके विरोध में संगठनों ने मुख्यमंत्री का घेराव स्थगित कर विभिन्न पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन किया।
CM के दौरे से पहले OPS समर्थकों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत मान के होशियारपुर दौरे से पहले पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति और CPF यूनियन पंजाब ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर उनके नेताओं को हिरासत में लेने और नजरबंद करने का आरोप लगाया है। संगठनों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम को स्थगित कर कार्यकर्ताओं ने संबंधित पुलिस थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
काले झंडे दिखाने की थी तैयारी
समिति ने पहले ही घोषणा की थी कि मुख्यमंत्री के भटला गांव दौरे के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर काले झंडे दिखाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया जाएगा।हालांकि, कई नेताओं को पहले ही हिरासत में लिए जाने के कारण यह कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका।
कई नेताओं को हिरासत में लेने का दावा
संगठन के अनुसार जिन नेताओं को हिरासत में लिया गया या नजरबंद किया गया, उनमें शामिल हैं—
- समिति के अध्यक्ष रजत महाजन
- राज्य संयोजक जसवीर तलवाड़ा (घर पर नजरबंद)
- जिला अध्यक्ष संजीव धूत
- नेता प्रिंस पलियाल
इसके अलावा गढ़दीवाला, घुंगा और मुकेरियां सहित कई पुलिस थाना क्षेत्रों से भी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
पुलिस थानों के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
नेताओं की हिरासत के विरोध में समिति और यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का घेराव करने की बजाय उन पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन किया, जहां उनके साथियों को रखा गया था।
संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकार के निर्देश पर पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए यह कार्रवाई की।
'विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार'
CPF कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुखजीत सिंह, पुरानी पेंशन प्रतिपाती मोर्चा के नेता गुरजंत सिंह कोकरी और सचिव जरनैल सिंह पट्टी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने नेताओं की हिरासत की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।
OPS बहाली को लेकर सरकार पर सवाल
राज्य संयोजक जसवीर तलवाड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार अब तक पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के अपने वादे को पूरा नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन आगे भी अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
Key Highlights:
- मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे से पहले कई OPS नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप।
- पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने कार्रवाई की निंदा की।
- काले झंडे दिखाने का कार्यक्रम रद्द, पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन।
- कई नेताओं को नजरबंद और हिरासत में लेने का दावा।
- संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध को नागरिकों का संवैधानिक अधिकार बताया।
- OPS बहाली की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
FAQ Section:
Q1. विरोध प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर था?
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर।
Q2. संगठनों ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले उनके कई नेताओं को हिरासत में लिया गया और नजरबंद किया गया।
Q3. किन संगठनों ने विरोध किया?
पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति और CPF यूनियन पंजाब ने विरोध प्रदर्शन किया।
Q4. हिरासत के बाद क्या हुआ?
मुख्यमंत्री के घेराव की योजना स्थगित कर कार्यकर्ताओं ने विभिन्न पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया गया।
Conclusion:
मुख्यमंत्री भगवंत मान के होशियारपुर दौरे से पहले OPS बहाली को लेकर कर्मचारियों के संगठनों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिली। नेताओं की हिरासत को लेकर विपक्षी स्वर तेज हो गए हैं, जबकि कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

