- Hindi News
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- केशव मौर्य का सपा पर हमला, कहा—पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कती है पार्टी
केशव मौर्य का सपा पर हमला, कहा—पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कती है पार्टी
2027 चुनाव में सपा की हार का दावा, कानून-व्यवस्था पर भी दिया जोर
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर तीखा हमला करते हुए उसे विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर विभाजनकारी राजनीति करने और पीड़ितों के दर्द को बढ़ाने का आरोप लगाया।
प्रयागराज के दो दिवसीय दौरे के बाद लखनऊ रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मौर्य ने कहा कि सपा पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय “उनके जख्मों पर नमक छिड़कने” का काम करती है।
गाजीपुर में 16 वर्षीय लड़की की हत्या की हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे “बेहद दुखद” बताया और कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में किसी भी बेटी या बहन के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्य ने इसे अवास्तविक बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव “ख्याली पुलाव पका रहे हैं” और 2027 के चुनाव में सपा की करारी हार होगी।
मौर्य ने कहा, “जब नतीजे आएंगे तो उनकी पूरी तरह हार होगी और उन्हें सैफई लौटते देखा जाएगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सत्ता से बाहर रहने की सपा की निराशा 2047 तक जारी रहेगी।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में इस समय सुशासन, विकास और कानून का राज है, जो आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मतदाताओं को सपा का समर्थन न करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे राज्य की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा, “लोग जानते हैं कि साइकिल के बटन को दबाने का मतलब है राज्य की सुरक्षा को जोखिम में डालना और 2012–2017 जैसी अपराध, पलायन और अराजकता की स्थिति को वापस लाना।”
मौर्य ने चेतावनी दी कि यदि सपा सत्ता में आती है तो हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसी घटनाएं फिर बढ़ सकती हैं और कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
पश्चिम बंगाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा है कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराएगा।

