यूपी में वक्फ संपत्तियों के 12,000 से ज्यादा पंजीकरण रद्द

UMEED पोर्टल ऑडिट में डेटा त्रुटियां और दस्तावेजों की कमी बनी वजह

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उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के दौरान 12,000 से अधिक पंजीकरण खारिज कर दिए गए हैं, जिन्हें दोबारा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश में UMEED पोर्टल पर अपलोड की गई लगभग एक लाख वक्फ संपत्तियों के ऑडिट के दौरान 12,000 से अधिक पंजीकरण रद्द कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन रद्दीकरणों का मुख्य कारण डेटा एंट्री में त्रुटियां और अपर्याप्त दस्तावेज हैं।

उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अंतर्गत राज्य में 1.26 लाख से अधिक वक्फ संस्थाएं पंजीकृत हैं। 2 अप्रैल 2026 की ‘रिजेक्टेड लिस्ट’ के अनुसार सबसे अधिक पंजीकरण लखनऊ (1,114) में खारिज किए गए, इसके बाद बिजनौर (1,003) और सहारनपुर (990) का स्थान रहा। बाराबंकी (577) और अमरोहा (85) में भी उल्लेखनीय संख्या में आवेदन रद्द हुए, जबकि बागपत (60) और बरेली (17) में अपेक्षाकृत कम मामले सामने आए।

इनमें छोटी मस्जिदों के प्लॉट से लेकर 300 एकड़ तक के बड़े कब्रिस्तान शामिल हैं।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी ने बताया कि वक्फ संस्थाओं का डेटा UMEED पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है और इसकी अंतिम तिथि 6 जून निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि ऑडिट के दौरान कई पंजीकरण खारिज किए गए, जिनमें अधिकतर मामलों में देखभाल करने वालों (मुतवल्लियों) द्वारा गलत जानकारी दी गई या पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

उन्होंने निर्देश दिया कि जिन आवेदनों को खारिज किया गया है, उन्हें 5 जून 2026 से पहले सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ दोबारा अपलोड किया जाए।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा रद्दीकरण कब्रिस्तानों से जुड़े मामलों में हुआ, इसके बाद मस्जिदों का स्थान रहा। इसके अलावा मदरसे, ईदगाह, इमामबाड़ा, दरगाह और कुछ आवासीय तथा आय सृजन करने वाली संपत्तियां भी प्रभावित हुई हैं।

ये रद्दीकरण केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल के तहत वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण अभियान का हिस्सा हैं, जिसे जून 2025 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का व्यापक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और प्रबंधन में पारदर्शिता लाना है।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जो 5 अप्रैल से लागू हो चुका है।

पहले इस पोर्टल पर तकनीकी खामियों के कारण दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया धीमी बताई जा रही थी, लेकिन अब जांच में मुख्य कारण डेटा संबंधी त्रुटियां सामने आई हैं।Screenshot_673

Edited By: Karan Singh

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