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45 डिग्री गर्मी में भी महक रहा लखनऊ का रोज गार्डन, देश का दूसरा सबसे बड़ा गुलाब उद्यान बना आकर्षण का केंद्र
जनेश्वर मिश्र पार्क का 15 एकड़ में फैला रोज गार्डन बना सुकून का ठिकाना, 2,200 से अधिक किस्मों के गुलाबों ने बढ़ाई रौनक
भीषण गर्मी और 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचते तापमान के बीच लखनऊ का जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित रोज गार्डन हजारों गुलाबों की खूबसूरती से महक रहा है। 15 एकड़ में फैला यह उद्यान अब भारत का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन बन चुका है।
भीषण गर्मी के बीच लखनऊ में खिला गुलाबों का अनोखा संसार
जहां एक ओर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भीषण गर्मी और 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान का सामना कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचों-बीच स्थित Janeshwar Mishra Park का रोज गार्डन अपनी रंग-बिरंगी छटा से लोगों को आकर्षित कर रहा है।
लाल, गुलाबी, पीले और सुनहरे रंगों से सजे हजारों गुलाबों ने इस उद्यान को गर्मी के मौसम में भी प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण बना दिया है।
देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन
15 एकड़ क्षेत्र में फैला है गुलाबों का विशाल संसार
करीब 15 एकड़ में फैले इस रोज गार्डन में 2,200 से अधिक प्रजातियों के गुलाब लगाए गए हैं। यहां 10,000 से ज्यादा गुलाब के पौधों का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है।इसी उपलब्धि के साथ यह उद्यान भारत का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन बन गया है। हाल ही में राष्ट्रीय रेड रोज दिवस (12 जून) के अवसर पर यहां "रेड रिवाइवल" कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसने लोगों का ध्यान इस अनूठे उद्यान की ओर आकर्षित किया।
आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ विशेष माइक्रो-क्लाइमेट
तेज गर्मी में भी खिल रहे हैं गुलाब
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उद्यान विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी भीषण गर्मी में गुलाबों का स्वस्थ और आकर्षक बने रहना किसी संयोग का परिणाम नहीं है।
उद्यान में विशेष माइक्रो-क्लाइमेट और उन्नत बागवानी तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे पौधों को अनुकूल वातावरण मिलता है। इसी कारण तापमान बढ़ने के बावजूद यहां गुलाबों की गुणवत्ता और सुंदरता बनी हुई है।
पर्यावरण और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि जैव विविधता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
यह उद्यान शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और लोगों को प्रकृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।
सुबह की सैर करने वालों की पहली पसंद बना पार्क
फिटनेस और सुकून का अनूठा संगम
रोज गार्डन अब लखनऊवासियों की सुबह की दिनचर्या का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। सुबह की सैर, योग और फिटनेस गतिविधियों के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
कई लोगों का मानना है कि प्रदूषण और गर्मी के दौर में यह उद्यान ताजगी और मानसिक शांति प्रदान करता है। रंग-बिरंगे फूलों और हरियाली के बीच समय बिताना लोगों के लिए राहत का अनुभव बन गया है।
पर्यटन और फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए आकर्षण
रोज गार्डन की खूबसूरती न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है। विभिन्न रंगों और दुर्लभ प्रजातियों के गुलाब फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
विशेष अवसरों और छुट्टियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं।
Key Highlights:
- जनेश्वर मिश्र पार्क का रोज गार्डन भारत का दूसरा सबसे बड़ा गुलाब उद्यान बना।
- 15 एकड़ क्षेत्र में 2,200 से अधिक गुलाब प्रजातियां मौजूद।
- 10,000 से अधिक गुलाब के पौधों का संरक्षण किया जा रहा है।
- भीषण गर्मी के बावजूद विशेष माइक्रो-क्लाइमेट तकनीक से गुलाब खिले हुए हैं।
- राष्ट्रीय रेड रोज दिवस पर "रेड रिवाइवल" कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- पार्क जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
- सुबह की सैर और फिटनेस गतिविधियों के लिए लोगों की पसंदीदा जगह बना।
FAQ Section
Q1. लखनऊ का यह रोज गार्डन कहां स्थित है?
यह रोज गार्डन जनेश्वर मिश्र पार्क में स्थित है।
Q2. यहां कितनी गुलाब प्रजातियां मौजूद हैं?
उद्यान में 2,200 से अधिक किस्मों के गुलाब लगाए गए हैं।
Q3. रोज गार्डन का क्षेत्रफल कितना है?
यह लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
Q4. इसे भारत का कौन-सा सबसे बड़ा रोज गार्डन माना जाता है?
यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन माना जाता है।
Q5. इतनी गर्मी में भी गुलाब कैसे खिले हुए हैं?
विशेष माइक्रो-क्लाइमेट और आधुनिक बागवानी तकनीकों की मदद से पौधों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखा जाता है।
Conclusion:
लखनऊ का जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित रोज गार्डन केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता और शहरी हरियाली का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। भीषण गर्मी के बीच हजारों गुलाबों का खिलना इस उद्यान की विशेष देखभाल और आधुनिक प्रबंधन का परिणाम है। आने वाले समय में यह रोज गार्डन लखनऊ की पहचान और पर्यटन आकर्षण का और बड़ा केंद्र बन सकता है।

