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कम रेट पर ठेके लेने वालों पर सख्त हुए CM योगी, घटिया निर्माण मिलने पर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
गोरखपुर में समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा— गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि टेंडर अनुमान से बहुत कम दरों पर लिए गए विकास कार्यों की विशेष जांच की जाए। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर CM योगी का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर की अनुमानित लागत से काफी कम दरों पर ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों के कार्यों की विशेष रूप से जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी या निर्माण कार्य में खामियां पाई जाती हैं तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
गोरखपुर में समीक्षा बैठक के दौरान दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित बाबा गंभीरनाथ ऑडिटोरियम में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और गोरखपुर एवं आजमगढ़ मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।बैठक में उन्होंने कहा कि कई बार ठेकेदार बेहद कम दरों पर टेंडर हासिल कर लेते हैं, जिसके बाद परियोजनाओं में देरी होती है और निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसी प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।
जुलाई से पहले विधायकों के प्रस्तावों को प्राथमिकता
जनहित के कार्यों में नहीं होनी चाहिए देरी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधायकों द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और जुलाई से पहले उनके गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सड़क, संपर्क और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मानसून से पहले मिशन मोड में पूरे हों निर्माण कार्य
समयसीमा और गुणवत्ता दोनों पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून से पहले पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को मिशन मोड में तेजी से पूरा किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरी होनी चाहिए।
सार्वजनिक धन का हो बेहतर उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के टैक्स से होने वाला खर्च मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के रूप में दिखाई देना चाहिए। विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और विश्वसनीय सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
जून के अंत तक पूरी हों जरूरी मंजूरियां
संसाधनों की उपलब्धता पहले सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री Dayashankar Singh ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को जून के अंत तक आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने और परियोजनाओं के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पहले से करने को कहा है।
इसका उद्देश्य निर्माण कार्य शुरू होने के बाद किसी भी प्रकार की बाधा या रुकावट से बचना है।
Key Highlights:
- CM योगी ने कम दरों पर लिए गए ठेकों की जांच के निर्देश दिए।
- गुणवत्ता में कमी मिलने पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- गोरखपुर में PWD अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक हुई।
- जुलाई से पहले विधायकों के प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश।
- मानसून से पहले निर्माण कार्य मिशन मोड में पूरे करने पर जोर।
- सार्वजनिक धन से बनने वाले ढांचों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश।
- जून अंत तक सभी जरूरी मंजूरियां और संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया।
FAQ Section
Q1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किस मुद्दे पर सख्ती दिखाई है?
उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता और कम दरों पर लिए गए ठेकों की निगरानी को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं।
Q2. किन ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी?
उन ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी जो गुणवत्ता से समझौता करते हैं या निर्माण कार्यों में खामियां छोड़ते हैं।
Q3. ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश कब दिया गया?
गोरखपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया।
Q4. मानसून को लेकर क्या निर्देश दिए गए हैं?
मानसून से पहले पूरी होने वाली परियोजनाओं को मिशन मोड में तेजी से पूरा करने को कहा गया है।
Q5. विधायकों के प्रस्तावित कार्यों को लेकर क्या फैसला हुआ?
मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
Conclusion:
उत्तर प्रदेश सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ताजा निर्देश इस बात का संकेत हैं कि अब केवल कम लागत पर ठेका हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना भी अनिवार्य होगा। इससे राज्य में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों मजबूत होने की उम्मीद है।

