- Hindi News
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- यूपी में ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ की शुरुआत, 100% नामांकन पर जोर
यूपी में ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ की शुरुआत, 100% नामांकन पर जोर
पहले दिन स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल, ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने पर फोकस
उत्तर प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ शुरू हो गया है, जिसका उद्देश्य सभी बच्चों का 100% नामांकन सुनिश्चित करना और ड्रॉपआउट छात्रों को दोबारा स्कूल से जोड़ना है।
उत्तर प्रदेश में बुधवार को सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन School Chalo Abhiyan ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ की शुरुआत की गई। इस मौके पर स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और स्कूल परिसर को फूलों व गुब्बारों से सजाया गया।
अभियान के तहत जागरूकता रैलियां निकाली गईं। पहले दिन से ही नामांकन बढ़ाने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Sandeep Singh ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के परिषद स्कूलों में बच्चों का 100% नामांकन सुनिश्चित करना है।
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक Monika Rani ने बताया कि अभियान का पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा स्कूल से वंचित न रहे। इसके तहत स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें फिर से स्कूल से जोड़ा जाएगा।
हालांकि इस अभियान के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफलता मिली है, फिर भी कुछ बच्चे विभिन्न कारणों से स्कूल से बाहर हैं। इनमें वंचित वर्ग, लड़कियां, विशेष जरूरत वाले बच्चे, कामकाजी बच्चे और दूर-दराज क्षेत्रों के बच्चे शामिल हैं।
अभियान के सफल संचालन के लिए सरकार ने पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए हैं। प्रत्येक जिले को ₹5 लाख, प्रत्येक ब्लॉक को ₹10,000 और प्रत्येक स्कूल को ₹2,500 की राशि विभिन्न गतिविधियों के लिए दी गई है।
इस अभियान के तहत स्कूल चलो रैलियां, एलईडी वैन के जरिए प्रचार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों के संबोधन और पाठ्यपुस्तकों का वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
एलईडी वैन 15 दिनों तक रोजाना अलग-अलग स्थानों पर प्रचार करेंगी। इसके अलावा, हर गांव तक जागरूकता पहुंचाने के लिए होर्डिंग्स, फ्लेक्स बैनर, दीवार लेखन और मीडिया प्रचार की रणनीति बनाई गई है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

