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उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरे दिन आंधी-बारिश और ओलावृष्टि, कई जिलों में फसल व बिजली व्यवस्था को नुकसान
लखनऊ, कानपुर सहित कई शहरों में मौसम का कहर; पश्चिमी विक्षोभ से अप्रैल में भी अस्थिर मौसम का अनुमान
उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कानपुर में फिर से ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि लखनऊ में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार शाम को लगातार दूसरे दिन आंधी और बारिश हुई। लखनऊ में पूरे दिन तेज धूप रहने के बाद शाम करीब 6 बजे आसमान में बादल छा गए और लगभग 8 बजे बारिश शुरू हो गई।
लखनऊ में असामान्य (बेमौसम) बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। 5 अप्रैल को भी यह नुकसान देखा गया था। लखनऊ में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार के लिए पूर्वानुमान में आंशिक बादल छाए रहने और बाद में मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है। तापमान लगभग 33 और 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह 8:30 बजे से रविवार सुबह 8:30 बजे तक 17 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जिले में औसत वर्षा पिछले 24 घंटों में 5.5 मिमी रही।
कानपुर में रविवार शाम को फिर से ओलावृष्टि हुई, एक दिन पहले आए भीषण तूफान के बाद, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस तूफान में लगभग 300 पेड़ गिर गए और करीब 130 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त या उखड़ गए थे। शनिवार का तूफान तेज बारिश और 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ आया था और लगभग तीन घंटे तक भारी तबाही मचाई थी।
कानपुर में लगभग 3.8 मिमी ओले दर्ज किए गए। कई स्थानों पर अस्थायी ढांचे गिर गए। रविवार की बारिश और ओलावृष्टि ने पहले से हुए नुकसान को और बढ़ा दिया, जिससे शहर की बिजली और बुनियादी ढांचा व्यवस्था प्रभावित हुई।
बिजली के खंभे टूटने और पेड़ों के गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
कानपुर के सीएस आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एन. सुनील पांडे ने बताया कि इस अस्थिर मौसम का कारण पश्चिमी विक्षोभ है। प्री-मानसून अवधि में अधिक नमी होने से शाम के समय ओलावृष्टि की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह पैटर्न आगे भी जारी रह सकता है और महीने के दौरान कई बार तेज ओलावृष्टि हो सकती है।
लगातार हो रहे तूफानों को लेकर कानपुर और आसपास के जिलों में फसलों को नुकसान की चिंता बढ़ गई है, जहां गेहूं की कटाई चल रही है और पहले से ही किसानों को भारी नुकसान हो चुका है।
अलीगढ़ और हाथरस में दिन का अधिकांश समय मौसम सामान्य रहा, लेकिन शाम को बारिश और ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि की सूचना मिली।
मैनपुरी में तेज हवाएं तूफान में बदल गईं और एक गांव में पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हो गई। फिरोजाबाद में एक व्यक्ति छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
मैनपुरी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के खंभों को भी काफी नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 7 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में फिर से बेमौसम बारिश हो सकती है।
