फुटबॉल की वैश्विक शासी संस्था फीफा (FIFA) ने बुधवार को कहा कि इस साल होने वाले विश्व कप के लिए उसे 50 करोड़ से अधिक टिकट अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जबकि टूर्नामेंट में भाग लेने की अत्यधिक कीमतों को लेकर विवाद जारी है।
फीफा ने एक बयान में कहा कि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए उसके सभी 211 सदस्य देशों और क्षेत्रों के प्रशंसकों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। टिकट आवंटन के लिए लॉटरी में शामिल होने हेतु आवेदन जमा करने की समय-सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई। फीफा ने कहा कि प्रशंसकों को उनके आवेदन सफल होने की सूचना “5 फरवरी से पहले नहीं” दी जाएगी।
मेजबान देशों के बाहर, सबसे अधिक मांग जर्मनी, इंग्लैंड, ब्राजील, स्पेन, पुर्तगाल, अर्जेंटीना और कोलंबिया के प्रशंसकों की ओर से आई है।
सबसे अधिक मांगा गया टिकट 27 जून को मियामी में होने वाले कोलंबिया बनाम पुर्तगाल मुकाबले का रहा। इसके बाद 18 जून को ग्वाडलहारा में मेक्सिको बनाम दक्षिण कोरिया का मैच और 19 जुलाई को न्यू जर्सी में होने वाला विश्व कप फाइनल रहा।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा, “सिर्फ एक महीने से थोड़े अधिक समय में आधा अरब टिकट अनुरोध सिर्फ मांग नहीं, बल्कि यह एक वैश्विक संदेश है। इस असाधारण प्रतिक्रिया के लिए मैं दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को धन्यवाद और बधाई देता हूं।”
उन्होंने कहा, “यह जानते हुए कि यह टूर्नामेंट दुनिया भर के लोगों के लिए कितना मायने रखता है, हमारा एकमात्र अफसोस यह है कि हम हर प्रशंसक को स्टेडियम के भीतर आमंत्रित नहीं कर सकते।”
हालांकि, 48 टीमों वाले इस टूर्नामेंट के लिए फीफा को अपनी टिकट मूल्य निर्धारण नीति को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है, जहां प्रशंसक समूहों ने टिकटों की कीमतों को “अत्यधिक” और “आसमान छूती” बताया है।

