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- भूजल संरक्षण के लिए करनाल में बड़ा अभियान, 31 जुलाई 2027 तक बनेंगे 27 हजार वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर
भूजल संरक्षण के लिए करनाल में बड़ा अभियान, 31 जुलाई 2027 तक बनेंगे 27 हजार वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर
बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग कर भूजल स्तर सुधारने की योजना, विभिन्न विभागों को सौंपे गए निर्माण लक्ष्य।
करनाल जिला प्रशासन ने भूजल संरक्षण के लिए 31 जुलाई 2027 तक 27,000 वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इस पहल के तहत वर्षा जल संचयन और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देकर गिरते भूजल स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
भूजल संरक्षण के लिए जिला प्रशासन की बड़ी पहल
करनाल जिला प्रशासन ने भूजल स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से 31 जुलाई 2027 तक जिले में 27,000 वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस अभियान के तहत वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर विभिन्न प्रकार की जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
कई प्रकार के रिचार्ज सिस्टम होंगे तैयार
योजना के तहत निम्नलिखित जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा—- रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
- रिचार्ज शाफ्ट
- रिचार्ज बोरवेल
- ड्राई डग वेल
- रिचार्ज ट्रेंच
इन सभी संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर को बेहतर बनाना है।
करनाल में लगातार गिर रहा है भूजल स्तर
धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध करनाल जिले में लगातार गिरता भूजल स्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
2025 के मानसून के बाद उपलब्ध भूजल आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2025 में जिले का औसत भूजल स्तर 21.38 मीटर दर्ज किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में भूजल स्तर इस प्रकार रहा—
- करनाल ब्लॉक – 16.18 मीटर
- घरौंडा – 24.73 मीटर
- नीलोखेड़ी – 28.08 मीटर
- असंध – 29.08 मीटर
- निसिंग – 29.92 मीटर
- मुनक – 21.19 मीटर
- इंद्री – 12.25 मीटर
- कुंजपुरा – 9.58 मीटर
DC ने सभी विभागों को दिए तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश
यह निर्णय बुधवार को मिनी सचिवालय में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि भूजल संरक्षण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने सभी विभागों को बिना देरी काम शुरू करने और तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन में की जाएगी।
विभिन्न विभागों को सौंपे गए लक्ष्य
जिला प्रशासन ने अलग-अलग विभागों को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
- नगर निगम करनाल – 10,000 रिचार्ज स्ट्रक्चर
- जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) – 4,000 संरचनाएं, जिनमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में 10 संरचनाएं शामिल
- सिंचाई विभाग – 4,000
- मृदा संरक्षण विभाग – 2,000
- हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) – 2,000
अन्य विभागों को भी आवश्यकता के अनुसार लक्ष्य आवंटित किए जाएंगे।
Key Highlights:
- करनाल में 31 जुलाई 2027 तक 27,000 वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे।
- वर्षा जल संचयन के जरिए भूजल स्तर सुधारने का लक्ष्य।
- रूफटॉप हार्वेस्टिंग, रिचार्ज बोरवेल और ट्रेंच सहित कई संरचनाएं बनेंगी।
- 2025 के बाद जिले का औसत भूजल स्तर 21.38 मीटर दर्ज।
- नगर निगम को सबसे अधिक 10,000 संरचनाएं बनाने की जिम्मेदारी।
- उपायुक्त ने हर 15 दिन में प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
FAQ Section
प्रश्न 1: करनाल में कितने वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे?
जिले में 31 जुलाई 2027 तक 27,000 वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रश्न 2: इस योजना का उद्देश्य क्या है?
वर्षा जल संचयन के माध्यम से भूजल स्तर में सुधार करना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना।
प्रश्न 3: सबसे अधिक जिम्मेदारी किस विभाग को दी गई है?
नगर निगम करनाल को 10,000 वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रश्न 4: योजना की समीक्षा कितनी बार होगी?
जिला प्रशासन प्रत्येक 15 दिन में योजना की प्रगति की समीक्षा करेगा।
Conclusion
करनाल जिला प्रशासन की यह महत्वाकांक्षी योजना भूजल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विभाग लक्ष्य पूरा करते हैं, तो इससे वर्षा जल का बेहतर उपयोग होगा और भविष्य में गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।


