- Hindi News
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला मुख्य आरोपी, 40 दिनों में 70...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला मुख्य आरोपी, 40 दिनों में 70 बार गड़बड़ी का दावा
प्रारंभिक जांच में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर छह लोगों की भूमिका सामने आने का दावा।
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 40 दिनों के दौरान करीब 70 बार दान गिनती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी हुई। जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में दान की नकदी गिनने की जिम्मेदारी संभाल रहे अविनाश शुक्ला के खिलाफ जांच एजेंसियों को सबसे मजबूत साक्ष्य मिले हैं।
तीन सदस्यीय SIT की अंतरिम रिपोर्ट पर सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भी चर्चा की गई। हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
40 दिनों में करीब 70 बार कथित चोरी का दावा
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जांच में करीब 40 दिनों के दौरान दान गिनती कक्ष से लगभग 70 बार कथित चोरी या नकदी की हेराफेरी के मामले सामने आए हैं।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूरा कथित रैकेट अविनाश शुक्ला के इर्द-गिर्द संचालित हो रहा था, जिसके आधार पर जांचकर्ताओं ने पांच अन्य संदिग्धों की भूमिका भी चिन्हित की है।
नौ पन्नों की रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी गई
सूत्रों के अनुसार, SIT की नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में 30 वर्षीय अविनाश शुक्ला को जांच का केंद्रीय पात्र बताया गया है।
CCTV फुटेज और बैंक रिकॉर्ड बने अहम साक्ष्य
जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर कई बार CCTV फुटेज की जांच की। सूत्रों के अनुसार, फुटेज में अविनाश शुक्ला को कई मौकों पर दान की नकदी और नोटों की गड्डियां अलग कर छिपाते हुए देखा गया।
जांच में जिन साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना गया है, उनमें शामिल हैं—
- CCTV फुटेज
- बैंक खातों का विश्लेषण
- बरामदगी से जुड़े रिकॉर्ड
- गवाहों के बयान
इन्हीं आधारों पर अविनाश शुक्ला को छह आरोपियों में प्रथम आरोपी बनाया गया है।
पांच अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक, जांच में पांच अन्य लोगों की भी कथित भूमिका सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार—
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- करुणेश पांडे
पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर नकदी छिपाने और बाहर निकालने में मदद की।
वहीं मनीष कुमार यादव पर दान गिनती कक्ष के भीतर समन्वय करने का आरोप लगाया गया है।
जांच अभी जारी, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
SIT ने फिलहाल अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। मामले में आगे की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही सभी तथ्यों और आरोपों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
Key Highlights:
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई।
- अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया।
- 40 दिनों में करीब 70 कथित चोरी की घटनाओं का दावा।
- CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान जांच का आधार।
- पांच अन्य लोगों की भी कथित भूमिका सामने आई।
- जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार।
FAQ Section
प्रश्न 1: SIT रिपोर्ट में मुख्य आरोपी कौन है?
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है।
प्रश्न 2: कथित चोरी कितने समय तक चली?
सूत्रों के अनुसार करीब 40 दिनों में लगभग 70 कथित घटनाएं सामने आई हैं।
प्रश्न 3: जांच में कौन-कौन से साक्ष्य शामिल हैं?
CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड, बरामदगी के दस्तावेज और गवाहों के बयान।
प्रश्न 4: क्या जांच पूरी हो गई है?
नहीं। यह केवल प्रारंभिक SIT रिपोर्ट है। अंतिम जांच अभी जारी है।
Conclusion
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट ने कई अहम दावे किए हैं। हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी। ऐसे में सभी आरोपों और निष्कर्षों को अंतिम जांच पूरी होने तक प्रारंभिक माना जाएगा।

