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UP Panchayat News: यूपी सरकार का बड़ा फैसला, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख 6 महीने तक रह सकते हैं प्रशासक
पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने के बाद मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्षों और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी, मुख्यमंत्री को भेजा गया प्रस्ताव।
उत्तर प्रदेश सरकार जिला पंचायत अध्यक्षों और क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) प्रमुखों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद छह महीने तक प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी में है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पुष्टि की है कि इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है।
जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार जिला पंचायत अध्यक्षों और क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) प्रमुखों को उनके पांच वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति के बाद छह महीने तक प्रशासक के रूप में नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। यह व्यवस्था हाल ही में ग्राम प्रधानों के मामले में अपनाए गए मॉडल की तर्ज पर लागू की जाएगी।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पुष्टि करते हुए कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है और समय रहते शासनादेश (GO) जारी कर दिया जाएगा।
75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 800 से अधिक ब्लॉक प्रमुखों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस प्रस्ताव के लागू होने पर राज्य के 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 800 से अधिक क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) प्रमुख अपने पांच वर्षीय संवैधानिक कार्यकाल के बाद भी छह महीने तक पद पर बने रह सकेंगे।जानकारी के अनुसार—
- जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
- क्षेत्र पंचायतों (ब्लॉक प्रमुखों) का कार्यकाल 19 जुलाई को खत्म होगा।
पहले क्या होती थी व्यवस्था?
अब तक यदि किसी कारणवश समय पर पंचायत चुनाव नहीं हो पाते थे, तो निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर सरकारी अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाता था।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार—
- जिला पंचायत अध्यक्षों की जगह जिलाधिकारी (DM) को प्रशासक बनाया जाता था।
- ब्लॉक प्रमुखों की जगह उपजिलाधिकारी (SDM) जिम्मेदारी संभालते थे।
- ग्राम पंचायतों में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जाती थी।
नई व्यवस्था इस परंपरा से अलग मानी जा रही है।
ग्राम प्रधानों के मामले में भी अपनाया गया था यही मॉडल
सरकार इससे पहले मई महीने में ग्राम प्रधानों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था लागू कर चुकी है। उस निर्णय के तहत कार्यकाल समाप्त होने के बाद मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया था।
अब सरकार उसी मॉडल को जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत स्तर पर भी लागू करने की तैयारी कर रही है।
हाईकोर्ट ने पहले जताई थी आपत्ति
इस बीच ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के सरकार के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में गंभीर टिप्पणी की थी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने से पहले नए पंचायत चुनाव कराए जाने चाहिए और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशासक नियुक्त करने के निर्णय पर सवाल उठाए थे।
ऐसे में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को लेकर प्रस्तावित व्यवस्था पर भी कानूनी नजर बनी रह सकती है।
Key Highlights:
- यूपी सरकार जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को 6 महीने तक प्रशासक बनाने की तैयारी में।
- प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है।
- 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 800 से अधिक ब्लॉक प्रमुख प्रभावित होंगे।
- जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई और ब्लॉक प्रमुखों का 19 जुलाई को समाप्त होगा।
- पहले DM और SDM को प्रशासक नियुक्त किया जाता था।
- ग्राम प्रधानों के मामले में हाईकोर्ट पहले ही टिप्पणी कर चुका है।
FAQ Section
प्रश्न 1: सरकार क्या नया फैसला लेने जा रही है?
सरकार जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद छह महीने तक प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी में है।
प्रश्न 2: यह प्रस्ताव किसने पुष्टि की है?
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इसकी पुष्टि की है।
प्रश्न 3: इससे कितने जनप्रतिनिधियों को लाभ मिलेगा?
करीब 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 800 से अधिक ब्लॉक प्रमुख इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे।
प्रश्न 4: पहले प्रशासक किसे बनाया जाता था?
पहले जिला पंचायतों में जिलाधिकारी और ब्लॉकों में उपजिलाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाता था।
Conclusion
उत्तर प्रदेश सरकार पंचायत प्रशासन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख अपने संवैधानिक कार्यकाल के बाद भी छह महीने तक प्रशासक के रूप में काम करेंगे। हालांकि, इस व्यवस्था पर पहले से न्यायिक टिप्पणियां सामने आ चुकी हैं, इसलिए आगे इस पर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नजर बनी रहेगी।

