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बारामती में लैंडिंग के दौरान Learjet-45 हादसे का शिकार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच की मौत
रनवे नजर न आने के कारण दो बार लैंडिंग की कोशिश, तीसरी प्रक्रिया के दौरान विमान में लगी आग
महाराष्ट्र के बारामती में लैंडिंग के दौरान एक Learjet-45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनके सुरक्षा अधिकारी, दोनों पायलट और एक फ्लाइट अटेंडेंट की मौत हो गई।
महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर जा रहा Learjet-45 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में आग लग गई और इस भीषण हादसे में अजित पवार (66) समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वालों में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनके सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव, पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शंभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बारामती एक अनियंत्रित (Uncontrolled) हवाई पट्टी है, जहां एयर ट्रैफिक की जानकारी स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों के पायलट उपलब्ध कराते हैं।
मंत्रालय ने बताया कि विमान ने सुबह 8:10 बजे मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार, विमान ने 8:18 बजे बारामती से पहला संपर्क किया। इसके बाद अगले करीब 20 मिनट तक विमान धीरे-धीरे ऊंचाई कम करता रहा।
जब विमान एयरपोर्ट से लगभग 30 नॉटिकल माइल दूर था, तब पायलटों ने दोबारा संपर्क किया। इस पर ग्राउंड कंट्रोल ने उन्हें पायलट के विवेक अनुसार विजुअल मौसम परिस्थितियों में उतरने की सलाह दी। पायलटों को यह भी बताया गया कि हवा शांत है और दृश्यता करीब 3,000 मीटर है।
पहली लैंडिंग कोशिश के दौरान पायलटों ने बताया कि रनवे नजर नहीं आ रहा, जिसके बाद उन्होंने गो-अराउंड करते हुए दूसरी बार प्रयास किया। दूसरी कोशिश में भी रनवे दिखाई नहीं दिया।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, जिस पर जवाब मिला—
“फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा, नजर आने पर सूचना देंगे।”
सुबह 8:43 बजे, पायलटों द्वारा रनवे दिखाई देने की पुष्टि के बाद विमान को लैंडिंग क्लीयरेंस दी गई। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पायलटों ने इस क्लीयरेंस की रीडबैक पुष्टि नहीं की। इसके कुछ ही देर बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।
हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां पायलट-एटीसी संवाद, मौसम की स्थिति और तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
