हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में परिवारों को टूटने से बचाने के लिए आपसी संवाद और समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार देकर ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है।
रेणु भाटिया यमुनानगर में ‘सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक जिम्मेदारी’ विषय पर आयोजित विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि यह विषय इसलिए चुना गया है क्योंकि वर्तमान समय में पति-पत्नी के बीच टकराव बढ़ रहा है और पारिवारिक रिश्ते कमजोर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी अन्य परिवार से बहू बनकर आने वाली बेटी को कम से कम दो वर्ष का समय दिया जाना चाहिए, ताकि वह नए परिवार और उसके सदस्यों को समझ सके। उन्होंने डिजिटल चुनौतियों पर बात करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कार परिवार और माता-पिता से ही आते हैं।
रेणु भाटिया ने अभिभावकों से अपील की कि वे काम का तनाव घर तक न लाएं, बच्चों को समय दें, उनकी बातें सुनें और समाधान सुझाएं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि लोग सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक रिश्तों में निवेश करें।
कार्यक्रम में उपायुक्त प्रीति ने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए एक-दूसरे के विचारों को समझना और सम्मान देना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके समाज को अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव लाना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि अधिकतर समस्याओं का समाधान कोर्ट या पुलिस के बजाय आपसी समझ से किया जाना चाहिए और लड़के-लड़कियों को समान अधिकार मिलने चाहिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि आज समाज में वैवाहिक विवाद बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार आपसी सहमति और संवाद से इन मतभेदों को सुलझाया जा सकता है।
