डेयरी उत्पादों की परीक्षण विधियों पर एनडीआरआई में मंथन सत्र आयोजित

बीआईएस और आईसीएआर-एनडीआरआई के संयुक्त प्रयास से भारतीय मानकों को सुदृढ़ बनाने पर जोर

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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और आईसीएआर–राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई), करनाल के सहयोग से मंगलवार को एनडीआरआई परिसर में डेयरी उत्पादों की परीक्षण विधियों पर भारतीय मानक विषय पर एक दिवसीय विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया। इसमें देशभर से 50 से अधिक वैज्ञानिक, शोधार्थी और विशेषज्ञ शामिल हुए।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन वैधानिक संस्था भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और आईसीएआर–राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई), करनाल के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एक दिवसीय विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “डेयरी उत्पादों की परीक्षण विधियों पर भारतीय मानक” रहा।

कार्यक्रम में डेयरी उत्पाद अनुभागीय समिति (एफएडी–19) के सदस्यों सहित वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्य भाषण में आईसीएआर–एनडीआरआई के निदेशक एवं एफएडी–19, बीआईएस के अध्यक्ष डॉ. धीर सिंह ने कहा कि भारतीय मानकों के निर्माण और संशोधन में अनुसंधान एवं विकास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बाजार में उपलब्ध डेयरी उत्पादों की विविधता को ध्यान में रखते हुए मानकों के व्यापक और वैज्ञानिक होने पर बल दिया।

डॉ. धीर सिंह ने कहा कि खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सुदृढ़ विश्लेषणात्मक परीक्षण विधियां अहम भूमिका निभाती हैं और इसके लिए ठोस वैज्ञानिक आंकड़ों की आवश्यकता होती है। उन्होंने बीआईएस से आग्रह किया कि भारतीय मानकों को समसामयिक और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बनाए रखने के लिए सहयोगात्मक प्रयास जारी रखे जाएं।

बीआईएस के खाद्य एवं कृषि विभाग की प्रमुख सुनीति टोटेजा ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों और अपेक्षित परिणामों पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में डॉ. भावना, वैज्ञानिक ‘ई’, बीआईएस, ने डेयरी उत्पादों की परीक्षण विधियों से संबंधित मौजूदा भारतीय मानकों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के उप महाप्रबंधक आदित्य जैन ने अंतरराष्ट्रीय मानक संस्थाओं जैसे आईएसओ और इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन (आईडीएफ) के साथ भारत की भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए वैश्विक डेयरी मानकीकरण में भारत की भूमिका और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

एनडीडीबी सेंटर ऑफ एनालिसिस फॉर लाइवस्टॉक एंड फीड, आनंद के महाप्रबंधक डॉ. राजीव चावला ने डेयरी और खाद्य उत्पादों की जांच में उभरते रुझानों की जानकारी दी। वहीं, आईसीएआर–एनडीआरआई के संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने डेयरी उत्पादों के लिए विश्लेषणात्मक विधियों के विकास में एनडीआरआई के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने घी, माल्टेड मिल्क फूड्स, लैक्टोमीटर और माइग्रेशन टेस्ट विधियों से जुड़े बीआईएस मानकों में संशोधन के सुझाव भी दिए।

कार्यक्रम का उद्देश्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानकों को और अधिक मजबूत एवं वैज्ञानिक बनाना रहा।Screenshot_886

Edited By: Atul Sharma

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