जेल से रिहाई के बाद फिर सुर्खियों में बिक्रम मजीठिया, पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल

2027 विधानसभा चुनाव से पहले SAD के पुनरुत्थान की धुरी बन सकते हैं मजीठिया, डेरों की भूमिका फिर चर्चा में

On

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 3 फरवरी को नाभा जेल से रिहा हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक बार फिर पंजाब की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। उनके समर्थन और विरोध में आए बयानों ने डेरों, भाजपा और अकाली दल की भावी रणनीतियों को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं।

Screenshot_889राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा कभी “राजनीति का बैड बॉय” कहे गए बिक्रम सिंह मजीठिया को एक ओर राजनीतिक साजिशों का शिकार बताया जाता रहा है, तो दूसरी ओर उन्हें भ्रष्टाचार का प्रतीक भी कहा गया। असमान संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत के बाद उनकी रिहाई और उस पर आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

सूत्रों के अनुसार, 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही शिरोमणि अकाली दल के भीतर यह चर्चा तेज है कि मजीठिया पार्टी के पुनरुद्धार की मुख्य कड़ी बन सकते हैं और भाजपा के साथ संभावित गठजोड़ में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस संदर्भ में उनकी राधा सोमी सत्संग बीस के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों से नजदीकी को खास तौर पर देखा जा रहा है। ढिल्लों ने मजीठिया की रिहाई से एक दिन पहले उनसे मुलाकात की थी और मीडिया से दुर्लभ टिप्पणी करते हुए कहा था कि मजीठिया के खिलाफ ड्रग तस्करी और असमान संपत्ति के मामले झूठे हैं।

पंजाब में चुनावी राजनीति में डेरों के प्रभाव को देखते हुए ढिल्लों का समर्थन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डेरा सचखंड बल्लां (दोआबा) दौरा और गुरु रविदास जयंती पर डेरा प्रमुख के चरण स्पर्श को भी राजनीतिक दृष्टि से अहम माना गया। यह डेरा चुनावों में प्रभावशाली भूमिका निभाता रहा है।

डेरा बीस से भाजपा और संघ परिवार के रिश्ते भी लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 2012, 2014, 2018 और 2023 में डेरा बीस का दौरा कर चुके हैं। बताया जाता है कि डेरा प्रमुख के मजीठिया की पत्नी गनीव कौर से पारिवारिक संबंध भी हैं।

मजीठिया की रिहाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा—
कल बन जाएं, भले आज बन जाएं, अदालतों का ऊपर रब राखा, जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं।
इसे डेरा प्रमुख द्वारा मजीठिया को क्लीन चिट दिए जाने से जोड़कर देखा गया।

इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का बयान सामने आया, जिसे मजीठिया के प्रति भाजपा के नरम रुख के संकेत के तौर पर देखा गया। जाखड़ ने कहा कि संतों के बयान व्यर्थ नहीं जाते और आम आदमी पार्टी सरकार उन लोगों को जेल में डालने के लिए बदनाम है, जो उसके खिलाफ बोलते हैं। उन्होंने कहा कि मजीठिया भी कई अन्य निर्दोषों की तरह इसकी कीमत चुका चुके हैं। हालांकि जाखड़ ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को SAD–BJP गठबंधन से न जोड़ा जाए।

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू जैसे भाजपा नेता अकालियों के साथ गठबंधन का विरोध कर चुके हैं। बिट्टू का तर्क है कि जिन पर ड्रग तस्करी के आरोप लगे हों, उनके साथ गठजोड़ पार्टी की भ्रष्टाचार-विरोधी छवि को नुकसान पहुंचाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मजीठिया पहले भी चुनावी हार और जेल यात्रा के बाद वापसी कर चुके हैं। अब सवाल यह है कि क्या उनकी ताजा वापसी अकाली दल में नई जान फूंकेगी, या फिर यह पंजाब की राजनीति में पुराने घावों को फिर से हरा कर देगी।

मजीठिया का राजनीतिक उदय 2012 विधानसभा चुनाव में हुआ, जब युवा अकाली दल के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने युवाओं को संगठित कर SAD को प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार सत्ता में पहुंचाने में भूमिका निभाई। उनका आक्रामक अंदाज जहां समर्थकों को पसंद आया, वहीं विरोधियों ने उन पर दबंगई के आरोप लगाए।

2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान पारिवारिक तनाव भी सामने आया, जब प्रकाश सिंह बादल ने सार्वजनिक रूप से उन्हें फटकार लगाई थी। इसके बावजूद, 2017 में SAD की हार के बाद भी मजीठिया ने मजीठा सीट बरकरार रखी।

हालांकि, 2013 से ड्रग मामलों के आरोपों ने उनके राजनीतिक करियर पर साया डाल दिया। कथित तस्कर जगदीश भोला द्वारा नाम लिए जाने के बाद, विपक्ष खासकर AAP ने उन्हें पंजाब के ड्रग संकट का चेहरा बना दिया। 2021 में NDPS एक्ट के तहत एफआईआर, गिरफ्तारी और महीनों जेल में रहने के बाद उन्हें 2022 में जमानत मिली थी।

अब, जेल से बाहर आने के बाद मजीठिया की भूमिका और प्रभाव को लेकर पंजाब की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।Screenshot_889Screenshot_889

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को लेकर कार्तिकेय शर्मा ने रेल मंत्री से की मुलाकात

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software