चंडीगढ़ में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वच्छ स्कूल रैंकिंग पहल’ शुरू

3 से 15 फरवरी तक शहर के सरकारी व निजी स्कूलों में चलेगा व्यापक स्वच्छता अभियान

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नगर निगम ने बच्चों में प्रारंभिक स्तर से स्वच्छ आदतें विकसित करने और शहर के स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘स्वच्छ स्कूल रैंकिंग पहल’ की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम 3 से 15 फरवरी तक शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लागू किया जाएगा।

शहर में स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नगर निगम (एमसी) ने स्वच्छ स्कूल रैंकिंग पहल शुरू की है। इस पहल का औपचारिक शुभारंभ मेयर सौरभ जोशी ने मंगलवार को सेक्टर-38 स्थित रानी लक्ष्मीबाई महिला भवन में आयोजित स्वच्छ स्कूल ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान किया। यह कार्यक्रम आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों के तहत स्कूल प्राचार्यों और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में चंडीगढ़ की शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, विशेष आयुक्त प्रदीप कुमार, उप महापौर सुमन देवी, क्षेत्रीय पार्षद योगेश ढींगरा सहित अन्य पार्षद, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी व निजी स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे।

मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि स्वच्छ और जिम्मेदार समाज की नींव स्कूलों से ही पड़ती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की आदतें बचपन में ही विकसित होती हैं और यह पहल केवल स्कूलों के बुनियादी ढांचे का मूल्यांकन नहीं करेगी, बल्कि बच्चों में व्यवहार, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी विकसित करेगी।

शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बच्चों के समग्र विकास में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और स्वच्छतापूर्ण वातावरण प्रभावी शिक्षा के लिए आवश्यक है। यह पहल स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा को व्यावहारिक रूप से जोड़ती है। उन्होंने स्कूलों से अपील की कि छात्रों को स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदार बनाया जाए।

नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि यह रैंकिंग प्रणाली स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है और इसमें स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) पर विशेष जोर दिया गया है। मूल्यांकन में दृश्य स्वच्छता, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालयों की स्थिति, आईईसी गतिविधियां तथा प्लास्टिक मुक्त परिसर और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे आकांक्षी मानकों को शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि फोटोग्राफिक साक्ष्य, सही कचरा पृथक्करण और ऑन-साइट समाधान जैसे कम्पोस्टिंग स्कोरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों को स्पष्ट दिशा, क्षमता निर्माण और पारदर्शी मूल्यांकन प्रदान करना है, ताकि सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को पूरे शहर में दोहराया जा सके

नगर निगम का मानना है कि यह पहल बच्चों के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी और चंडीगढ़ को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी।Screenshot_893

Edited By: Atul Sharma

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