पंजाब सरकार ने गुरु रविदास की 649वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने के लिए 6 फरवरी को खुरालगढ़ साहिब में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान समारोह में शिरकत करेंगे और ऐतिहासिक स्थल पर मत्था टेककर संगत को संबोधित करेंगे।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेरा बल्लां का दौरा किया था, जिसे राजनीतिक हलकों में रविदासिया समुदाय से संपर्क साधने के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी की अगुआई वाली पंजाब सरकार भी खुरालगढ़ में बड़े आयोजन के जरिए समुदाय से अपने जुड़ाव को रेखांकित करना चाहती है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि खुरालगढ़ साहिब में होने वाला यह समारोह भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें मंत्री, विधायक, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
गढ़शंकर उपमंडल (जिला होशियारपुर) में स्थित खुरालगढ़ साहिब का गुरु रविदास के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व है। मान्यता है कि 15वीं सदी के भक्ति संत गुरु रविदास ने यहां तपस्या की और समानता, सामाजिक न्याय और भक्ति का संदेश दिया। वर्षों से यह स्थल रविदासिया समुदाय का प्रमुख तीर्थ केंद्र बन चुका है।
राज्य सरकार ने इससे पहले यहां मिनार-ए-बेगमपुरा सहित एक स्मारक परिसर विकसित किया था, जो जातिविहीन और समानतावादी समाज की गुरु रविदास की परिकल्पना का प्रतीक है। हालांकि यह परियोजना भूमि विवाद, प्रशासनिक खामियों और देरी के कारण विवादों में भी रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 6 फरवरी का आयोजन न केवल गुरु रविदास की जयंती को समर्पित होगा, बल्कि खुरालगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी उजागर करेगा। कार्यक्रम में गुरु रविदास के जीवन, शिक्षाओं और दर्शन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भजन-कीर्तन और प्रदर्शनी भी शामिल होंगी। साथ ही सरकार की अनुसूचित जातियों और वंचित वर्गों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को भी रेखांकित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब विभिन्न राजनीतिक दल रविदासिया समुदाय तक पहुंच बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं, जो पंजाब की दलित आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। प्रधानमंत्री के डेरा बल्लां दौरे के बाद यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। होशियारपुर और रोपड़ जिला प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर समन्वय कर रहा है।
इस बीच, समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि वह इस अवसर पर खुरालगढ़ स्मारक से जुड़े लंबित कार्यों, आधारभूत ढांचे के विकास और भूमि विवादों का स्थायी समाधान भी करे, ताकि गुरु रविदास की विरासत को सही मायनों में सम्मान मिल सके।
