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आतिशी वीडियो मामला: कपिल मिश्रा पर जालंधर में FIR, BJP ने CP के खिलाफ स्पीकर से की शिकायत
आतिशी वीडियो मामला: कपिल मिश्रा पर जालंधर में FIR, BJP ने CP के खिलाफ स्पीकर से की शिकायत
आतिशी वीडियो मामला: कपिल मिश्रा पर जालंधर में FIR, BJP ने CP के खिलाफ स्पीकर से की शिकायत
आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़ा विवाद पंजाब में लगातार बढ़ता जा रहा है। आतिशी पर आरोप है कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पंजाब भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आतिशी का एक वीडियो अपलोड कर ये आरोप लगाए हैं।
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और उपाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इस वीडियो के जरिए पंजाब की ‘आप’ सरकार पर निशाना साधा, जिससे विवाद और तेज हो गया। 9 जनवरी को जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की। इसमें इकबाल सिंह ने दिल्ली के कानून और श्रम मंत्री कपिल मिश्रा पर वीडियो से छेड़छाड़ करने और उसे वायरल करने का आरोप लगाया है।
इस कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली भाजपा ने जालंधर पुलिस के विरुद्ध विधानसभा स्पीकर के पास शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली भाजपा का कहना है कि विधानसभा के भीतर की कार्यवाही के आधार पर किसी अन्य राज्य में मामला कैसे दर्ज किया जा सकता है। भाजपा का मानना है कि यह सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है और इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने भी पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने का अधिकार केवल विधानसभा को है, इसलिए पंजाब पुलिस की कार्रवाई विशेषाधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ विधायक आतिशी मार्लेना के वीडियो को लेकर जालंधर पुलिस ने दिल्ली सरकार में भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जालंधर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला इकबाल सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आतिशी के एक वीडियो को तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से अपलोड और प्रसारित किया गया।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी को सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और निंदनीय टिप्पणियां करते हुए दिखाने वाली भड़काऊ सुर्खियों के साथ एक छोटी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड और प्रसारित की गई थी।
पुलिस प्रवक्ता ने आगे बताया कि वीडियो क्लिप की वैज्ञानिक (फोरेंसिक) जांच कराई गई। आतिशी की ऑडियो वाली यह वीडियो क्लिप भाजपा नेता कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड की गई थी और इसे फोरेंसिक जांच के लिए पंजाब की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल), एसएएस नगर भेजा गया था।
इसके बाद 9 जनवरी को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि आतिशी ने कहीं भी “गुरु” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, जैसा कि वायरल वीडियो क्लिप्स में दिखाया गया था। वास्तव में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और तकनीकी रूप से उसमें ऐसे शब्द जोड़े गए थे, जो आतिशी ने बोले ही नहीं थे।
बताया गया कि विपक्षी दलों ने दिल्ली विधानसभा में दिए गए भाषण का एक वीडियो जारी कर यह दावा किया था कि विधायक आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया है। हालांकि, आतिशी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। आतिशी ने स्पष्ट किया था कि वीडियो में उन्होंने भाजपा द्वारा प्रदूषण पर चर्चा से बचने और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया था, लेकिन इसमें झूठे सब-टाइटल जोड़कर सिख गुरुओं का नाम डाल दिया गया।
आतिशी वीडियो मामला: कपिल मिश्रा पर जालंधर में FIR, BJP ने CP के खिलाफ स्पीकर से की शिकायत
आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़ा विवाद पंजाब में लगातार बढ़ता जा रहा है। आतिशी पर आरोप है कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पंजाब भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आतिशी का एक वीडियो अपलोड कर ये आरोप लगाए हैं।
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और उपाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इस वीडियो के जरिए पंजाब की ‘आप’ सरकार पर निशाना साधा, जिससे विवाद और तेज हो गया। 9 जनवरी को जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की। इसमें इकबाल सिंह ने दिल्ली के कानून और श्रम मंत्री कपिल मिश्रा पर वीडियो से छेड़छाड़ करने और उसे वायरल करने का आरोप लगाया है।
इस कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली भाजपा ने जालंधर पुलिस के विरुद्ध विधानसभा स्पीकर के पास शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली भाजपा का कहना है कि विधानसभा के भीतर की कार्यवाही के आधार पर किसी अन्य राज्य में मामला कैसे दर्ज किया जा सकता है। भाजपा का मानना है कि यह सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है और इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने भी पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने का अधिकार केवल विधानसभा को है, इसलिए पंजाब पुलिस की कार्रवाई विशेषाधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ विधायक आतिशी मार्लेना के वीडियो को लेकर जालंधर पुलिस ने दिल्ली सरकार में भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जालंधर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला इकबाल सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आतिशी के एक वीडियो को तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से अपलोड और प्रसारित किया गया।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी को सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और निंदनीय टिप्पणियां करते हुए दिखाने वाली भड़काऊ सुर्खियों के साथ एक छोटी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड और प्रसारित की गई थी।
पुलिस प्रवक्ता ने आगे बताया कि वीडियो क्लिप की वैज्ञानिक (फोरेंसिक) जांच कराई गई। आतिशी की ऑडियो वाली यह वीडियो क्लिप भाजपा नेता कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड की गई थी और इसे फोरेंसिक जांच के लिए पंजाब की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल), एसएएस नगर भेजा गया था।
इसके बाद 9 जनवरी को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि आतिशी ने कहीं भी “गुरु” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, जैसा कि वायरल वीडियो क्लिप्स में दिखाया गया था। वास्तव में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और तकनीकी रूप से उसमें ऐसे शब्द जोड़े गए थे, जो आतिशी ने बोले ही नहीं थे।
बताया गया कि विपक्षी दलों ने दिल्ली विधानसभा में दिए गए भाषण का एक वीडियो जारी कर यह दावा किया था कि विधायक आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया है। हालांकि, आतिशी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। आतिशी ने स्पष्ट किया था कि वीडियो में उन्होंने भाजपा द्वारा प्रदूषण पर चर्चा से बचने और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया था, लेकिन इसमें झूठे सब-टाइटल जोड़कर सिख गुरुओं का नाम डाल दिया गया।
