रोहतक में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू, पहले दिन शांतिपूर्ण आयोजन

9,677 छात्रों ने दी परीक्षा, नकल का एक भी मामला नहीं; सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से दिए सख्त निर्देश

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं रोहतक में बुधवार से शुरू हो गईं। 44 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा के पहले दिन किसी भी प्रकार की नकल की घटना सामने नहीं आई।

Board of School Education Haryana (BSEH) द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो गईं। Rohtak जिले में बनाए गए 44 परीक्षा केंद्रों पर 9,677 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।

जिला प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 9,847 छात्र 12वीं कक्षा में पंजीकृत हैं, जिनमें से 170 छात्र पहले दिन अनुपस्थित रहे। किसी भी परीक्षा केंद्र से नकल (यूएमसी) का कोई मामला सामने नहीं आया।

परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा के दौरान निरीक्षण भी किया। एक जिला अधिकारी ने बताया कि पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

इसी बीच मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने राज्यभर के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को सख्ती से रोका जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहतक के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि निष्पक्ष और नकलमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती के साथ फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। हालांकि जिले में किसी भी परीक्षा केंद्र को संवेदनशील घोषित नहीं किया गया है, फिर भी एहतियातन कुछ केंद्रों पर विशेष निगरानी योजना लागू की गई है।

उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसके तहत किसी भी परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध है और हथियार ले जाने पर पूर्ण पाबंदी है।

साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान निर्धारित क्षेत्र में फोटोस्टेट, प्रिंटिंग, डुप्लीकेटिंग सुविधाएं और साइबर कैफे बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश की अनुमति है और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं।

उपायुक्त ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें कर सरपंचों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके क्षेत्र में स्थित परीक्षा केंद्रों पर भीड़ एकत्र होती है या नकल की घटना सामने आती है तो संबंधित सरपंच को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।Screenshot_1537

Edited By: Karan Singh

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