हरियाणा में रंगदारी के मामलों में 17% बढ़ोतरी, जुलाई तक 296 केस; विधानसभा में CM नायब सैनी ने मानी बात

हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान बताया कि इस साल जुलाई तक राज्य में रंगदारी के 296 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि से 17 प्रतिशत अधिक हैं।

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हरियाणा में रंगदारी के मामलों में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बताया कि जुलाई 2026 तक 296 मामले सामने आए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 253 मामले दर्ज हुए थे।

 

हरियाणा में कानून-व्यवस्था को लेकर विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रंगदारी के मामलों में बढ़ोतरी की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में जुलाई तक राज्य में रंगदारी के 296 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 253 थी। इस तरह मामलों में करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगदारी के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे विदेशों से फोन करने वाले अपराधियों की गतिविधियां एक प्रमुख कारण हैं। उन्होंने बताया कि कई अपराधी डिजिटल एप्लिकेशन और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी पहचान और लोकेशन छिपाकर वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।

जुलाई तक सामने आए 296 रंगदारी के मामले

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में जनवरी से जुलाई 2026 तक रंगदारी के 296 मामले दर्ज किए गए।

पिछले वर्ष इसी अवधि में 253 मामले दर्ज हुए थे। आंकड़ों के अनुसार, दोनों अवधियों की तुलना में इस साल रंगदारी की घटनाओं में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

INLD विधायकों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर दिया जवाब

मुख्यमंत्री विधानसभा में INLD विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला द्वारा राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

इस दौरान विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।

विदेशों से कॉल कर रंगदारी मांगने का मुद्दा

CM नायब सिंह सैनी ने रंगदारी के मामलों में वृद्धि के लिए विदेशों से होने वाली कॉल और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को प्रमुख कारणों में शामिल बताया।

उनके अनुसार, अपराधी विभिन्न डिजिटल एप्लिकेशन और तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर अपनी वास्तविक पहचान और स्थान छिपाते हैं। इससे अपराधियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

STF और ATS चला रहे हैं खुफिया आधारित अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) संगठित अपराध के खिलाफ खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चला रही हैं।

इन अभियानों का लक्ष्य संगठित अपराध, गैंगस्टरों, अवैध हथियारों और गंभीर तथा आतंक से जुड़े मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है।

2024 से जुलाई 2026 तक 3,210 गैंग सदस्य गिरफ्तार

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने वर्ष 2024, 2025 और जुलाई 2026 तक कुल 3,210 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया।

सरकार का कहना है कि गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।

विदेशों में मौजूद गैंगस्टरों पर भी कार्रवाई

सरकार ने विदेशों में मौजूद गैंगस्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई का विवरण विधानसभा में दिया। वर्ष 2025-26 के दौरान 19 गैंगस्टरों को विदेशों से डिपोर्ट कर भारत लाया गया।

इसके अलावा 12 गैंगस्टरों को विदेशों में हिरासत में लिया गया। अपराधियों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं का भी इस्तेमाल किया गया।

144 लुकआउट सर्कुलर और 50 रेड कॉर्नर नोटिस

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अवधि में 144 लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए। इसके साथ ही 50 रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किए गए।

हरियाणा पुलिस ने अपराधियों से जुड़े मामलों में 53 इंटरपोल रेफरेंस भी किए हैं। इन कदमों का उद्देश्य विदेशों में छिपे या सक्रिय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करना है।

संगठित अपराध पर सरकार का फोकस

हरियाणा सरकार का कहना है कि संगठित अपराध और रंगदारी के मामलों से निपटने के लिए पुलिस एजेंसियां तकनीक और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।

विदेशों से संचालित होने वाले अपराध नेटवर्क और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं। ऐसे में सरकार ने STF और ATS जैसी विशेष एजेंसियों के जरिए कार्रवाई तेज करने की बात कही है।

Key Highlights:

  • हरियाणा में जुलाई 2026 तक रंगदारी के 296 मामले दर्ज हुए।
  • पिछले वर्ष की समान अवधि में 253 मामले सामने आए थे।
  • रंगदारी की घटनाओं में करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • CM नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बढ़ते मामलों की जानकारी दी।
  • मुख्यमंत्री ने विदेशों से होने वाली कॉल और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को एक प्रमुख कारण बताया।
  • STF और ATS संगठित अपराध के खिलाफ खुफिया आधारित अभियान चला रहे हैं।
  • 2024 से जुलाई 2026 तक 3,210 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
  • 2025-26 के दौरान 19 गैंगस्टरों को विदेशों से डिपोर्ट किया गया।
  • 12 गैंगस्टरों को विदेशों में हिरासत में लिया गया।
  • 144 लुकआउट सर्कुलर और 50 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए।
  • अपराधियों से जुड़े मामलों में 53 इंटरपोल रेफरेंस किए गए।

FAQ Section:

सवाल: हरियाणा में 2026 में जुलाई तक कितने रंगदारी के मामले दर्ज हुए?

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, जुलाई 2026 तक राज्य में रंगदारी के 296 मामले सामने आए।

सवाल: पिछले साल की तुलना में रंगदारी के मामलों में कितनी बढ़ोतरी हुई?

पिछले वर्ष की समान अवधि के 253 मामलों की तुलना में इस साल मामलों में करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सवाल: मुख्यमंत्री ने रंगदारी के मामलों में बढ़ोतरी का क्या कारण बताया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों से कॉल करने वाले अपराधी डिजिटल एप्लिकेशन और अन्य तकनीकों के जरिए अपनी पहचान और लोकेशन छिपाकर रंगदारी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

सवाल: हरियाणा में संगठित अपराध के खिलाफ कौन सी एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं?

स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) खुफिया सूचनाओं के आधार पर संगठित अपराध, गैंगस्टरों और अन्य गंभीर मामलों में कार्रवाई कर रही हैं।

सवाल: 2024 से जुलाई 2026 तक कितने गैंग सदस्य गिरफ्तार किए गए?

सरकार के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने इस अवधि के दौरान 3,210 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया।

Conclusion:

हरियाणा में रंगदारी के मामलों में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी सरकार के सामने कानून-व्यवस्था की एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बढ़ते मामलों को स्वीकार करते हुए विदेशों से संचालित अपराध नेटवर्क और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को प्रमुख चुनौती बताया। सरकार का दावा है कि STF और ATS के माध्यम से संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, जबकि विदेशों में छिपे अपराधियों तक पहुंचने के लिए डिपोर्टेशन, लुकआउट सर्कुलर और इंटरपोल जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।Screenshot_1075

Edited By: Atul Sharma

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