हरियाणा में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, स्कूल टाइम में क्लास लगाने पर रोक; रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य

हरियाणा सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। अब स्कूल के समय में कोचिंग कक्षाएं नहीं लग सकेंगी और हर संस्थान को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

On

हरियाणा में निजी कोचिंग संस्थानों की निगरानी के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। संस्थानों को स्कूल समय में कक्षाएं चलाने पर रोक के साथ फीस, शिक्षक, छात्रों और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

 

हरियाणा सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कसते हुए नए नियम अधिसूचित किए हैं। हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स एक्ट, 2024 लागू होने के दो साल से अधिक समय बाद 24 अगस्त को नियमों को अधिसूचित किया गया। इसके तहत कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और स्कूल के समय में कक्षाएं संचालित करने पर रोक लगा दी गई है।

सरकार का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों को व्यवस्थित करना और ‘डमी एडमिशन’ जैसी व्यवस्था पर रोक लगाना है।

स्कूल टाइम में नहीं लगेंगी कोचिंग क्लास

नए नियमों के तहत प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को एक शपथपत्र देना होगा। इसमें संस्थान को यह सुनिश्चित करने का वचन देना होगा कि स्कूल के समय में कोई कोचिंग कक्षा संचालित नहीं की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस प्रावधान से डमी एडमिशन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

डमी एडमिशन पर सरकार की नजर

डमी एडमिशन के तहत छात्रों के नियमित स्कूल जाने के बजाय कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने की व्यवस्था पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। नए नियमों के जरिए सरकार स्कूल शिक्षा और कोचिंग व्यवस्था के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना चाहती है।

कोचिंग संस्थानों को देनी होगी पूरी जानकारी

नए नियमों के तहत निजी कोचिंग संस्थानों को अपने संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इनमें संस्थान द्वारा संचालित पाठ्यक्रम, उपलब्ध बुनियादी ढांचा, शिक्षकों की योग्यता और छात्रों की संख्या शामिल है।

इसके अलावा संस्थानों को फीस स्ट्रक्चर की जानकारी भी देनी होगी। कर्मचारियों और स्टाफ के पुलिस सत्यापन की स्थिति भी बतानी होगी।

भ्रामक विज्ञापनों पर भी रोक

कोचिंग संस्थानों द्वारा किए जाने वाले विज्ञापनों पर भी नियम लागू होंगे। संस्थान सफल उम्मीदवारों को लेकर भ्रामक दावे या गलत जानकारी प्रकाशित नहीं कर सकेंगे।

इस कदम का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचाना है।

हर कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन जरूरी

नए नियमों के तहत हर निजी कोचिंग संस्थान को संबंधित जिला प्राधिकरण के पास पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। यह प्राधिकरण उपायुक्त के अधीन काम करेगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए 10,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। जिला प्राधिकरण आवेदन की जांच 30 दिनों के भीतर करेगा।

कमियां मिलने पर मिलेगा सुधार का मौका

यदि जांच के दौरान आवेदन या संस्थान में कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित संस्थान को उसे दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा।

नियमों के अनुरूप पाए जाने वाले संस्थान को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

तीन साल के लिए मान्य होगा रजिस्ट्रेशन

निजी कोचिंग संस्थान का पंजीकरण प्रमाणपत्र तीन साल के लिए वैध होगा। इसके बाद संस्थान को पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होगा।

नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

Key Highlights:

  • हरियाणा सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम अधिसूचित किए।
  • नियम 24 अगस्त को अधिसूचित किए गए।
  • स्कूल के समय में कोचिंग कक्षाएं चलाने पर रोक होगी।
  • सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
  • रजिस्ट्रेशन के लिए 10,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
  • जिला प्राधिकरण आवेदन की जांच 30 दिनों के भीतर करेगा।
  • कमियां मिलने पर संस्थान को 10 दिन में उन्हें दूर करना होगा।
  • रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र तीन साल के लिए वैध होगा।
  • नवीनीकरण शुल्क 5,000 रुपये होगा।
  • फीस, शिक्षक, छात्र संख्या, इंफ्रास्ट्रक्चर और पुलिस वेरिफिकेशन की जानकारी देनी होगी।
  • भ्रामक विज्ञापन और सफल उम्मीदवारों को लेकर झूठे दावों पर रोक होगी।

FAQ Section:

सवाल: हरियाणा में कोचिंग संस्थानों के लिए नया नियम क्या है?

नए नियमों के तहत निजी कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और स्कूल के समय में कोचिंग कक्षाएं संचालित करने पर रोक लगाई गई है।

सवाल: कोचिंग संस्थान के रजिस्ट्रेशन की फीस कितनी है?

नए नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन के लिए 10,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

सवाल: कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन कितने साल के लिए वैध होगा?

पंजीकरण प्रमाणपत्र तीन साल के लिए वैध होगा।

सवाल: रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण की फीस कितनी होगी?

रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

सवाल: कोचिंग संस्थानों को कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?

संस्थानों को कोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की योग्यता, छात्रों की संख्या, फीस स्ट्रक्चर और स्टाफ के पुलिस सत्यापन से जुड़ी जानकारी देनी होगी।

सवाल: क्या कोचिंग संस्थान स्कूल टाइम में कक्षाएं लगा सकते हैं?

नहीं। नए नियमों के तहत संस्थानों को शपथपत्र देना होगा कि स्कूल के समय में कोई कोचिंग कक्षा नहीं लगाई जाएगी।

Conclusion:

हरियाणा सरकार के नए नियमों से निजी कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ेगी। स्कूल समय में कोचिंग पर रोक और अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के साथ फीस, शिक्षक, छात्र संख्या और संस्थान की सुविधाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रावधानों से डमी एडमिशन और भ्रामक विज्ञापनों जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।Screenshot_1073

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

पंजाब की सियासत में फिर गरमाया गठबंधन मुद्दा, CM भगवंत मान का अकाली दल पर हमला- ‘BJP से गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहे’

Advertisement

नवीनतम

पंजाब की सियासत में फिर गरमाया गठबंधन मुद्दा, CM भगवंत मान का अकाली दल पर हमला- ‘BJP से गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहे’ पंजाब की सियासत में फिर गरमाया गठबंधन मुद्दा, CM भगवंत मान का अकाली दल पर हमला- ‘BJP से गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहे’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी आगामी चुनावों से पहले...
PGIMS रोहतक की बड़ी पहल: आयुष्मान भारत लाभार्थियों के बाहर होने वाले टेस्ट अब हो सकते हैं मुफ्त
फरीदकोट में 50 लाख की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की जांच
हरियाणा में रंगदारी के मामलों में 17% बढ़ोतरी, जुलाई तक 296 केस; विधानसभा में CM नायब सैनी ने मानी बात
2027 पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा ग्राउंड कनेक्ट अभियान, आज से शुरू होगा जनसंपर्क; शिवराज चौहान अमृतसर में किसानों से करेंगे संवाद
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software