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PGIMS रोहतक की बड़ी पहल: आयुष्मान भारत लाभार्थियों के बाहर होने वाले टेस्ट अब हो सकते हैं मुफ्त
PGIMS रोहतक में उपलब्ध नहीं कुछ जरूरी लैब टेस्ट और जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब में खर्च नहीं करना पड़ेगा। संस्थान निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ समझौते की प्रक्रिया में है।
PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को राहत देने के लिए नई पहल शुरू की है। संस्थान में उपलब्ध नहीं होने वाले जरूरी टेस्ट और जांच निजी डायग्नोस्टिक लैब के माध्यम से मुफ्त कराने की तैयारी की जा रही है।
हरियाणा के प्रमुख चिकित्सा संस्थान PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मरीज हितैषी पहल शुरू की है। संस्थान में कुछ आवश्यक लैब टेस्ट और जांच उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में जाकर अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था। अब PGIMS प्रशासन इन जांचों को पात्र लाभार्थियों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।
इस पहल के तहत PGIMS रोहतक एक निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की प्रक्रिया में है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों को जरूरी जांचों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
PGIMS में उपलब्ध नहीं टेस्ट निजी लैब में कराए जाएंगे
PGIMS प्रशासन उन लैब टेस्ट और जांचों की सूची तैयार कर रहा है, जो मरीजों के इलाज और बीमारी की पहचान के लिए आवश्यक हैं, लेकिन वर्तमान में संस्थान की जांच सेवाओं के माध्यम से उपलब्ध नहीं हैं।इसके लिए PGIMS के सभी विभागाध्यक्षों से ऐसे टेस्ट और जांचों की जानकारी मांगी गई है। विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर संबंधित सूची जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मरीजों को निजी लैब में नहीं करना पड़ेगा खर्च
वर्तमान में जब PGIMS में कोई आवश्यक जांच उपलब्ध नहीं होती है, तो मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक लैब का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को ऐसे आवश्यक टेस्ट निजी लैब के माध्यम से निशुल्क उपलब्ध कराने की योजना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मरीजों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU की तैयारी
PGIMS रोहतक प्रशासन इस पहल को लागू करने के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ समझौता करने की प्रक्रिया में है। MoU के बाद संस्थान में उपलब्ध नहीं जांचों को संबंधित व्यवस्था के तहत बाहर की लैब से कराया जा सकेगा।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य मरीजों को व्यापक और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरी जांच की अनुपलब्धता उनके इलाज में बाधा न बने।
सभी विभागों से मांगी गई जरूरी जांचों की सूची
PGIMS प्रशासन ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे उन लैब टेस्ट और जांचों की सूची तैयार करें, जिनकी मरीजों के निदान और उपचार के लिए जरूरत पड़ती है, लेकिन वे वर्तमान में PGIMS में उपलब्ध नहीं हैं।
यह सूची मिलने के बाद प्रशासन यह तय करेगा कि किन जांचों को निजी डायग्नोस्टिक लैब के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
हरियाणा और पड़ोसी राज्यों से पहुंचते हैं मरीज
PGIMS रोहतक में इलाज के लिए केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में संस्थान में सभी आवश्यक जांच उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है।
नई पहल से आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को इलाज के दौरान जरूरी जांचों तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने बताई पहल की जरूरत
PGIMS के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि मरीजों के निदान और उपचार के लिए कई लैब टेस्ट और जांच जरूरी होती हैं, लेकिन कुछ जांचें वर्तमान में PGIMS में उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में मरीजों को निजी लैब में जाकर भुगतान कर जांच करानी पड़ती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए इन जरूरी जांचों को निशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगी राहत
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र अन्य लाभार्थियों को हो सकता है। महंगी जांचों का खर्च कई मरीजों और उनके परिवारों के लिए इलाज के दौरान एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
PGIMS प्रशासन की प्रस्तावित व्यवस्था से ऐसे मरीजों को अतिरिक्त खर्च से राहत मिलने और समय पर जांच के जरिए इलाज को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
Key Highlights:
- PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए मरीज हितैषी पहल शुरू की।
- संस्थान में उपलब्ध नहीं कुछ जरूरी टेस्ट और जांच मुफ्त कराने की तैयारी।
- PGIMS प्रशासन निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU की प्रक्रिया में।
- सभी विभागाध्यक्षों से आवश्यक लेकिन अनुपलब्ध टेस्ट की सूची मांगी गई।
- विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह में सूची जमा करने के निर्देश।
- वर्तमान में अनुपलब्ध जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब में भुगतान करना पड़ता है।
- प्रस्तावित व्यवस्था से आयुष्मान भारत लाभार्थियों को अतिरिक्त खर्च से राहत मिल सकती है।
- PGIMS रोहतक में हरियाणा के साथ पड़ोसी राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
FAQ Section:
सवाल: PGIMS रोहतक ने आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए क्या नई पहल की है?
PGIMS प्रशासन संस्थान में उपलब्ध नहीं कुछ जरूरी लैब टेस्ट और जांचों को पात्र आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए निजी डायग्नोस्टिक लैब के माध्यम से निशुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।
सवाल: PGIMS किन संस्थानों के साथ समझौता करेगा?
PGIMS प्रशासन प्रस्तावित व्यवस्था के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU करने की प्रक्रिया में है।
सवाल: किन टेस्ट को मुफ्त कराने की योजना है?
उन लैब टेस्ट और जांचों को व्यवस्था में शामिल करने की तैयारी है, जो मरीजों के निदान और उपचार के लिए जरूरी हैं लेकिन वर्तमान में PGIMS की जांच सेवाओं में उपलब्ध नहीं हैं।
सवाल: PGIMS के विभागाध्यक्षों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
सभी विभागाध्यक्षों से ऐसे आवश्यक टेस्ट और जांचों की सूची मांगी गई है, जो मरीजों के उपचार के लिए जरूरी हैं लेकिन संस्थान में उपलब्ध नहीं हैं। सूची एक सप्ताह के भीतर जमा करने को कहा गया है।
सवाल: इस पहल से किन मरीजों को फायदा होगा?
प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य लाभ आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य पात्र श्रेणियों के मरीजों को मिलने की उम्मीद है।
Conclusion:
PGIMS रोहतक की यह प्रस्तावित पहल आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए इलाज को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। संस्थान में उपलब्ध नहीं होने वाले जरूरी टेस्ट के कारण मरीजों को निजी लैब में अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। निजी डायग्नोस्टिक लैब के साथ MoU की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मरीजों को इन जांचों का लाभ बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के मिलने की उम्मीद है।
