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अंबाला में 100 दिन का ‘ग्राम उदय अभियान’, 814 अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने पर फोकस
हर गांव को आधुनिक, स्वच्छ, हरा-भरा और सुविधाओं से लैस मॉडल गांव बनाने की तैयारी; 706 अधूरे कामों पर अब तक एक भी पैसा खर्च नहीं
अंबाला जिला प्रशासन 100 दिवसीय ‘अंबाला ग्राम उदय अभियान’ शुरू करने की तैयारी में है। अभियान का लक्ष्य ग्रामीण विकास योजनाओं का 100% क्रियान्वयन और अधूरे कार्यों को पूरा करना है।
अंबाला जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास को गति देने और सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए 100 दिन का ‘अंबाला ग्राम उदय अभियान’ शुरू करने की योजना बनाई है। अभियान के तहत जिले के प्रत्येक गांव में मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए विकास कार्यों को धरातल पर उतारने और ग्रामीणों के जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव लाने पर जोर दिया जाएगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने विकास एवं पंचायत विभाग तथा पंचायती राज संस्थाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को अभियान की रूपरेखा और प्राथमिकताओं के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
हर गांव को मॉडल गांव बनाने का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य अंबाला के प्रत्येक गांव को आधुनिक, स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर सुविधाओं से लैस मॉडल गांव के रूप में विकसित करना है। इसके लिए केवल विकास कार्यों को मंजूरी देना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनका वास्तविक उपयोग सुनिश्चित करने और तैयार परिसंपत्तियों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्वीकृत कार्य का परिणाम एक कार्यशील सुविधा के रूप में सामने आना चाहिए। वहीं, जो परिसंपत्तियां तैयार हो चुकी हैं, उनका उचित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को विकास का असर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई और महसूस होना चाहिए। इसके तहत बेहतर सामुदायिक सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण, जल प्रबंधन, हरित क्षेत्र, खेल एवं शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं और अधिक प्रभावी पंचायत सेवाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
हर ग्राम पंचायत के लिए पांच प्रमुख लक्ष्य
अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को पांच प्रमुख परिणामों की पहचान कर उन पर काम करना होगा। प्रशासन ऐसे बदलावों को प्राथमिकता देगा जिन्हें ग्रामीण सीधे देख और इस्तेमाल कर सकें।
इनमें कार्यशील सामुदायिक भवन, बेहतर रखरखाव वाली लाइब्रेरी और जिम, सुधरी हुई गांव की गलियां एवं स्ट्रीट लाइटिंग, स्वच्छ सार्वजनिक स्थल, बेहतर जल निकाय, खेल सुविधाएं और पंचायत सेवाओं तक आसान पहुंच जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
कचरा और जलभराव की समस्या पर विशेष ध्यान
उपायुक्त ने प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपने क्षेत्र में कचरे, गंदे पानी और जलभराव से जुड़े तीन सबसे गंभीर स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
814 अधूरे विकास कार्यों पर प्रशासन की नजर
समीक्षा बैठक में जिले में बड़ी संख्या में विकास कार्य अधूरे रहने पर उपायुक्त ने चिंता जताई। उन्होंने विभाग को इन कार्यों को पूरा कराने के लिए विशेष 30 दिवसीय अभियान चलाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के अनुसार, अंबाला जिले में फिलहाल 814 विकास कार्य अधूरे हैं। इनमें से 706 ऐसे कार्य हैं, जिन पर शुरुआत से अब तक कोई खर्च दर्ज नहीं किया गया है।
अंबाला-I क्षेत्र में अधूरे कार्यों की संख्या सबसे अधिक है। यहां कुल 531 कार्य अधूरे हैं, जिनमें 461 ऐसे कार्य शामिल हैं जिन पर अब तक एक भी रुपया खर्च दर्ज नहीं हुआ है।
30 दिन में अधूरे कार्यों के समाधान का लक्ष्य
प्रशासन अब इन लंबित कार्यों की विशेष निगरानी करेगा और संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में इन्हें आगे बढ़ाने या पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 100 दिन के ग्राम उदय अभियान के साथ अधूरे विकास कार्यों को गति देना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
Key Highlights:
- अंबाला में 100 दिवसीय ‘ग्राम उदय अभियान’ शुरू करने की योजना।
- ग्रामीण विकास योजनाओं के 100% क्रियान्वयन और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर।
- हर गांव को आधुनिक, स्वच्छ, हरा-भरा और सुविधाओं से लैस मॉडल गांव बनाने का लक्ष्य।
- जिले में 814 विकास कार्य फिलहाल अधूरे हैं।
- 706 अधूरे कार्यों पर शुरुआत से अब तक कोई खर्च दर्ज नहीं हुआ।
- अंबाला-I में 531 अधूरे कार्य, इनमें 461 पर शून्य खर्च।
- अधूरे कार्यों के समाधान के लिए विशेष 30 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत को कचरा, गंदे पानी और जलभराव के तीन प्रमुख स्थानों की पहचान करनी होगी।
FAQ Section:
Q1. अंबाला ग्राम उदय अभियान क्या है?
A1. यह 100 दिनों का ग्रामीण विकास अभियान है, जिसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के पूर्ण क्रियान्वयन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और गांवों में दिखाई देने वाला विकास सुनिश्चित करना है।
Q2. अभियान का मुख्य लक्ष्य क्या है?
A2. अंबाला के प्रत्येक गांव को आधुनिक, स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर सुविधाओं से युक्त मॉडल गांव के रूप में विकसित करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
Q3. अंबाला में कितने विकास कार्य अधूरे हैं?
A3. समीक्षा के अनुसार जिले में 814 विकास कार्य अधूरे हैं। इनमें 706 कार्य ऐसे हैं जिन पर अब तक कोई खर्च दर्ज नहीं हुआ है।
Q4. अंबाला-I में कितने कार्य अधूरे हैं?
A4. अंबाला-I में 531 विकास कार्य अधूरे हैं। इनमें 461 कार्य ऐसे हैं जिन पर शुरुआत से अब तक कोई खर्च दर्ज नहीं हुआ है।
Q5. ग्राम पंचायतों को कचरे और जलभराव को लेकर क्या निर्देश दिए गए हैं?
A5. प्रत्येक ग्राम पंचायत को कचरे, गंदे पानी या जलभराव से जुड़े तीन सबसे महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान कर उनके समाधान के लिए कदम उठाने होंगे।
Conclusion:
अंबाला जिला प्रशासन ने ‘ग्राम उदय अभियान’ के जरिए ग्रामीण विकास को केवल कागजी योजनाओं तक सीमित रखने के बजाय जमीन पर उसका असर दिखाने की रणनीति बनाई है। 100 दिनों के अभियान में अधूरे कार्यों को पूरा करने, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और स्वच्छता व जल प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 814 लंबित कार्यों की स्थिति को देखते हुए अगले 30 दिन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
