यमुनानगर में नशे के खिलाफ उम्मीद की किरण बना ATF सेंटर, 3,800 मरीज पहुंचे, करीब 800 ने छोड़ी लत

मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में 20 बेड की सुविधा; दवा के साथ काउंसलिंग, योग और मेडिटेशन से मरीजों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद

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यमुनानगर के ATF सेंटर में जून 2024 से अब तक करीब 3,800 मरीज OPD में उपचार और काउंसलिंग के लिए पहुंचे हैं। इनमें लगभग 800 मरीज नशे की लत से उबर चुके हैं।

यमुनानगर के मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में संचालित Addiction Treatment Facility (ATF) Centre नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए उपचार और पुनर्वास का महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है। यहां मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में इलाज के साथ नियमित काउंसलिंग, योग और मेडिटेशन की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे नशे से बाहर निकलकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

यह केंद्र 12 जून 2024 से काम कर रहा है। इसका उद्देश्य नशे पर निर्भर लोगों को व्यवस्थित और चिकित्सकीय देखरेख में उपचार उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, मरीजों को उनके परिवार की सहमति से भर्ती किया जाता है और उपचार के दौरान नियमित काउंसलिंग व अन्य जरूरी सहयोग दिया जाता है।

3,800 मरीज पहुंचे, करीब 800 ने नशे पर पाई जीत

ATF सेंटर की शुरुआत के बाद से अब तक करीब 3,800 मरीज उपचार और काउंसलिंग के लिए OPD में पहुंच चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें लगभग 800 मरीज नशे की लत से उबरने में सफल रहे हैं।

केंद्र में प्रतिदिन नए मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। मेडिकल ऑफिसर-कम-नोडल ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. नवीन शर्मा के अनुसार, रोजाना करीब पांच से सात नए मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसके अलावा लगभग 35 से 40 मरीज नियमित रूप से डी-एडिक्शन OPD में उपचार और दवाएं लेते हैं।

20 बेड की सुविधा, कई बार वेटिंग लिस्ट

ATF सेंटर जिला सिविल अस्पताल परिसर में संचालित है और वर्तमान में यहां 20 बेड उपलब्ध हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई मौकों पर मरीजों की संख्या उपलब्ध बेड से अधिक हो जाती है। ऐसे समय में करीब पांच से सात मरीजों की वेटिंग लिस्ट भी बन जाती है।

यह स्थिति नशामुक्ति उपचार की जरूरत और केंद्र पर बढ़ते मरीजों के दबाव को भी दर्शाती है।

शराब और अन्य नशीले पदार्थों के आदी लोगों का उपचार

केंद्र में विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों के आदी लोगों का इलाज किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, अधिक मात्रा में शराब, स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले मरीजों को भी यहां उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

मरीजों और उनके अभिभावकों की सहमति के बाद उन्हें केंद्र में भर्ती किया जाता है। उपचार के दौरान उन्हें काउंसलिंग, योग और अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

दवा के साथ काउंसलिंग और योग पर जोर

ATF सेंटर में नशामुक्ति का उपचार केवल दवाओं तक सीमित नहीं है। मरीजों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काउंसलिंग और योग को भी उपचार प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।

काउंसलर मरीजों से नियमित बातचीत करते हैं और उन्हें अपनी समस्याओं व अनुभवों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इससे नशे की आदत के पीछे मौजूद कारणों को समझने और मरीज को उपचार के प्रति जिम्मेदारी लेने में मदद मिलती है।

सुबह योग और मेडिटेशन से मानसिक मजबूती

केंद्र में सुबह योग और मेडिटेशन के सत्र भी आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य मरीजों की एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करना है।

डॉ. नवीन शर्मा के अनुसार, मेडिकल उपचार के बाद काउंसलिंग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मरीजों को नशा छोड़ने के प्रति प्रतिबद्ध रहने और उपचार के बाद भी स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण

अधिकारियों के मुताबिक, नशे की लत से उबरने के बाद दोबारा नशे की ओर लौटने से रोकना एक बड़ी चुनौती है। इस प्रक्रिया में परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।

घर लौटने के बाद परिवार का सकारात्मक समर्थन मरीज को उपचार से जुड़े अनुशासन को बनाए रखने और दोबारा नशे की गिरफ्त में आने से बचाने में मदद कर सकता है।

इलाज के बाद भी स्वस्थ दिनचर्या की सलाह

केंद्र में उपचार की शुरुआत चिकित्सकीय देखभाल से होती है, जिसके बाद काउंसलिंग के जरिए मरीजों को नशामुक्त जीवन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है। डॉक्टर मरीजों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने और नशे से दूरी बनाए रखने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं।

Key Highlights:

  • यमुनानगर के मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में ATF सेंटर 12 जून 2024 से संचालित है।
  • केंद्र में वर्तमान में 20 बेड की सुविधा उपलब्ध है।
  • करीब 3,800 मरीज OPD में उपचार और काउंसलिंग के लिए पहुंच चुके हैं।
  • लगभग 800 मरीज नशे की लत से उबरने में सफल रहे हैं।
  • रोजाना करीब 5 से 7 नए मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
  • डी-एडिक्शन OPD में रोजाना करीब 35 से 40 मरीज नियमित उपचार लेते हैं।
  • दवाओं के साथ काउंसलिंग, योग और मेडिटेशन पर जोर दिया जाता है।
  • परिवार के सहयोग को दोबारा नशे की लत से बचाने में महत्वपूर्ण माना गया है।

FAQ Section:

Q1. यमुनानगर का ATF सेंटर कब शुरू हुआ?
A1. यमुनानगर के मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में ATF सेंटर ने 12 जून 2024 से काम करना शुरू किया था।

Q2. ATF सेंटर में कितने बेड हैं?
A2. केंद्र में फिलहाल 20 बेड की सुविधा उपलब्ध है।

Q3. अब तक कितने मरीज ATF सेंटर पहुंचे हैं?
A3. जून 2024 में शुरुआत के बाद से करीब 3,800 मरीज OPD में उपचार और काउंसलिंग के लिए पहुंच चुके हैं।

Q4. कितने मरीज नशे की लत से उबर चुके हैं?
A4. अधिकारियों के अनुसार, करीब 800 मरीज नशे की लत से उबरने में सफल रहे हैं।

Q5. ATF सेंटर में किस तरह का उपचार दिया जाता है?
A5. मरीजों को चिकित्सकीय उपचार और दवाओं के साथ काउंसलिंग, योग और मेडिटेशन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

Conclusion:

यमुनानगर का ATF सेंटर नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को चिकित्सा और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। करीब 3,800 मरीजों का उपचार और काउंसलिंग के लिए पहुंचना तथा लगभग 800 मरीजों का नशे की लत से उबरना केंद्र की अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि, इलाज के बाद मरीजों को नशे से दूर बनाए रखना चुनौती है, जिसमें नियमित काउंसलिंग, स्वस्थ दिनचर्या और परिवार का सहयोग अहम भूमिका निभा सकता है।Screenshot_1358

Edited By: Atul Sharma

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