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हिसार में लिंगानुपात को लेकर प्रशासन सख्त, 800 से कम SRB वाले गांवों में गर्भवती महिलाओं पर बढ़ी निगरानी
पुठी समैन में सबसे कम 698 और सिसई में 733 रहा जन्म के समय लिंगानुपात, PNDT एक्ट के तहत कार्रवाई तेज
हिसार जिले में जन्म के समय लिंगानुपात (SRB) 800 से कम वाले गांवों पर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जुलाई 2026 तक पुठी समैन में SRB 698 और सिसई में 733 दर्ज किया गया।
800 से कम लिंगानुपात वाले गांव प्रशासन के रडार पर
हिसार जिला प्रशासन ने उन गांवों में गर्भवती महिलाओं की निगरानी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है, जहां वर्ष 2026 की पहली छमाही में जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth) 800 से नीचे दर्ज किया गया है।
प्रशासन की समीक्षा में सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में SRB का आंकड़ा चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि जिले के कुल लिंगानुपात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले मामूली सुधार दर्ज किया गया है।
पुठी समैन में सबसे कम रहा SRB
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 तक हिसार जिले में सबसे कम जन्म के समय लिंगानुपात पुठी समैन गांव में दर्ज किया गया। यह गांव CHC खांडा खेड़ी के अंतर्गत आता है, जहां SRB 698 लड़कियां प्रति 1,000 लड़कों पर रहा।वहीं, सिसई ब्लॉक के PHC सिसई में इसी अवधि के दौरान SRB 733 दर्ज किया गया।
अन्य गांव भी 800 के आंकड़े से नीचे
साल की शुरुआत में खांडा खेड़ी गांव और CHC आर्यनगर के अंतर्गत आने वाले गवार गांव में भी SRB 800 से नीचे चला गया था।
खांडा खेड़ी में यह आंकड़ा 706, जबकि गवार में 789 दर्ज किया गया।
इन गांवों को जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक के दौरान विशेष निगरानी में शामिल किया गया।
जनवरी से अगस्त 2026 तक SRB 912
जिले के जनवरी से अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार जन्म के समय लिंगानुपात 912 रहा। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले सात अंक अधिक है।
हालांकि, पिछले तीन पूर्ण वर्षों के आंकड़ों से तुलना करने पर इसमें उतार-चढ़ाव दिखाई देता है।
2022 में जिले का SRB 904 था। 2023 में यह बढ़कर 914 और 2024 में 916 हो गया। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 923 तक पहुंचा था। जनवरी-अगस्त 2026 में SRB 912 दर्ज किया गया।
PNDT एक्ट के तहत कार्रवाई तेज
हिसार की डिप्टी सिविल सर्जन-कम-नोडल अधिकारी (PNDT/MTP) डॉ. अनामिका बिश्नोई के अनुसार जिले में PC&PNDT एक्ट के तहत वर्तमान में 127 संस्थान पंजीकृत और कार्यरत हैं।
अगस्त 2026 में इनमें से 20 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। वहीं, MTP एक्ट के तहत पंजीकृत 49 संस्थानों में से दो का इसी महीने निरीक्षण किया गया।
तीन कारण बताओ नोटिस जारी
डॉ. बिश्नोई के अनुसार PNDT एक्ट के तहत तीन कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा एक डायग्नोस्टिक सेंटर को निलंबित करने का आदेश दिया गया और एक अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया गया।
उन्होंने बताया कि हिसार के अर्बन एस्टेट थाने में PNDT एक्ट के तहत एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। यह मामला अल्ट्रासाउंड मशीन के कथित अवैध इस्तेमाल से जुड़ा है।
कई विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी
हिसार के उपायुक्त महेंद्र पाल ने मामले को लेकर समीक्षा बैठक की और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग को कम लिंगानुपात वाले गांवों में जागरूकता गतिविधियां चलाने और कारण बताओ नोटिस जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा ब्लॉक और गांव स्तर की बैठकों में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से जुड़े संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Key Highlights:
- पुठी समैन में जुलाई 2026 तक सबसे कम SRB 698 दर्ज हुआ।
- PHC सिसई में SRB 733 रहा।
- खांडा खेड़ी और गवार में भी SRB 800 से नीचे दर्ज किया गया।
- जनवरी-अगस्त 2026 में हिसार का कुल SRB 912 रहा।
- PC&PNDT एक्ट के तहत जिले में 127 संस्थान पंजीकृत और कार्यरत हैं।
- अगस्त 2026 में 20 संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
- PNDT एक्ट के तहत तीन कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
- एक डायग्नोस्टिक सेंटर के निलंबन और एक अल्ट्रासाउंड मशीन सील करने की कार्रवाई हुई।
- अर्बन एस्टेट थाना, हिसार में PNDT एक्ट के तहत एक FIR दर्ज की गई।
FAQ Section:
हिसार में सबसे कम जन्म के समय लिंगानुपात कहां दर्ज हुआ?
जुलाई 2026 तक पुठी समैन में सबसे कम SRB 698 लड़कियां प्रति 1,000 लड़कों पर दर्ज किया गया।
सिसई में SRB कितना रहा?
जुलाई 2026 तक PHC सिसई में जन्म के समय लिंगानुपात 733 दर्ज किया गया।
जनवरी से अगस्त 2026 तक हिसार का SRB कितना रहा?
इस अवधि में हिसार जिले का SRB 912 दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि से सात अंक अधिक है।
PNDT एक्ट के तहत कितनी कार्रवाई हुई?
अगस्त 2026 में तीन कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, एक डायग्नोस्टिक सेंटर के निलंबन का आदेश दिया गया और एक अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गई। साथ ही एक FIR भी दर्ज की गई।
कम SRB वाले गांवों में क्या कदम उठाए जाएंगे?
महिला एवं बाल विकास विभाग को जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने, कारण बताओ नोटिस देने और ब्लॉक व गांव स्तर पर 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से संबंधित बैठकें आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
Conclusion:
हिसार जिला प्रशासन ने कम जन्म लिंगानुपात वाले गांवों पर निगरानी बढ़ाते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। जहां जिले के कुल SRB में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में सुधार दर्ज हुआ है, वहीं कुछ गांवों में 800 से कम का आंकड़ा प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। PNDT एक्ट के तहत निरीक्षण और कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियानों पर भी जोर दिया जा रहा है।
