- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- PGIMS रोहतक में लापरवाही पर सख्ती, समय पर जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
PGIMS रोहतक में लापरवाही पर सख्ती, समय पर जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
डायरेक्टर डॉ. एस.के. सिंघल ने जारी किए दो कार्यालय आदेश, ईमेल और व्हाट्सऐप संदेशों पर देरी को माना जाएगा सख्त गैर-अनुपालन
PGIMS रोहतक प्रशासन ने अधिकारियों और विभिन्न शाखाओं को समयबद्ध सरकारी पत्राचार का जवाब देने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में जानकारी नहीं देने पर इसे सख्त गैर-अनुपालन माना जाएगा और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
PGIMS रोहतक ने अधिकारियों को जारी की सख्त चेतावनी
पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) रोहतक ने सरकारी पत्राचार में हो रही देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी या शाखा ने तय समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
संस्थान की ओर से इस संबंध में दो अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं।
समयबद्ध जानकारी नहीं भेजने पर बढ़ी सख्ती
PGIMS के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने आदेश में कहा कि कई बार यह देखा गया है कि निदेशक कार्यालय से भेजे गए पत्रों, ईमेल और व्हाट्सऐप संदेशों पर संबंधित अधिकारी और शाखाएं समय पर कार्रवाई नहीं करतीं। इससे उच्च अधिकारियों को भेजी जाने वाली जरूरी सूचनाओं में देरी होती है।इन सूचनाओं को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (DMER) और अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान जैसे उच्च कार्यालयों को निर्धारित समय सीमा में भेजना अनिवार्य होता है।
ईमेल मिलते ही संबंधित शाखाओं को भेजी जाती है सूचना
कार्यालय आदेश के अनुसार निदेशक कार्यालय का पीए सेक्शन उच्च अधिकारियों से प्राप्त ईमेल तुरंत संबंधित शाखाओं को अग्रेषित कर देता है। इसके बाद विभिन्न शाखाओं के अधीक्षकों, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय, एस्टेट ऑफिस तथा PGIMS से जुड़े अन्य कॉलेजों और कार्यालयों की जिम्मेदारी होती है कि वे निर्धारित समय के भीतर आवश्यक जानकारी निदेशक कार्यालय तक पहुंचाएं।
रिमाइंडर आने पर तय होगी जिम्मेदारी
डॉ. सिंघल ने चेतावनी दी कि यदि किसी उच्च अधिकारी की ओर से रिमाइंडर प्राप्त होता है और जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित अधिकारी या शाखा ने समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, तो इसे सख्त गैर-अनुपालन (Strict Non-Compliance) माना जाएगा।
ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी या शाखा के खिलाफ उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
Key Highlights:
-
PGIMS रोहतक ने अधिकारियों को समयबद्ध जवाब देने के निर्देश दिए।
-
दो कार्यालय आदेश जारी कर देरी पर सख्त चेतावनी दी गई।
-
ईमेल और व्हाट्सऐप संदेशों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश।
-
DMER और अतिरिक्त मुख्य सचिव को समय पर जानकारी भेजना अनिवार्य।
-
गैर-अनुपालन पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी।
FAQ Section:
PGIMS रोहतक ने नया आदेश क्यों जारी किया है?
सरकारी पत्राचार और समयबद्ध सूचनाओं में हो रही देरी को रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
किन अधिकारियों पर यह आदेश लागू होगा?
विभिन्न शाखाओं के अधीक्षक, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय, एस्टेट ऑफिस और PGIMS से जुड़े अन्य कार्यालयों व कॉलेजों पर यह आदेश लागू होगा।
समय पर जानकारी नहीं देने पर क्या होगा?
इसे सख्त गैर-अनुपालन माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश किसने जारी किया?
PGIMS रोहतक के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने यह आदेश जारी किया है।
Conclusion:
PGIMS रोहतक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी पत्राचार में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संस्थान ने सभी अधिकारियों और शाखाओं को समय सीमा का पालन करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि देरी होने पर जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
