- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी: पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल
नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी: पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल
‘संपर्क कार्यक्रम’ में पुलिस कमिश्नर ने कहा- सिर्फ कानूनी कार्रवाई से नहीं रुकेगा नशा, युवाओं की काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी देना होगा ध्यान
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी की जरूरत बताई। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की अपील की।
नशे के खिलाफ परिवार और समाज को आगे आने की अपील
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने गुरुवार को नशे के खिलाफ जागरूकता और पुलिस-पब्लिक संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित ‘संपर्क कार्यक्रम’ को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से केवल पुलिस और सरकार के प्रयासों के जरिए निपटना संभव नहीं है। इसके लिए परिवार और पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का फोकस केवल नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। नशे की मांग को कम करना, युवाओं की काउंसलिंग करना और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को दोबारा समाज की मुख्यधारा में लाना भी जरूरी है।
अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने में माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित बातचीत करने और उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखने की अपील की।उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह जानकारी रखनी चाहिए कि उनके बच्चे किन लोगों के साथ समय बिता रहे हैं, उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या हैं और उनकी दिनचर्या में किसी तरह का बदलाव तो नहीं आया है।
नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति की मदद करें
गिल ने परिवारों से अपील की कि अगर परिवार का कोई सदस्य नशे की लत से जूझ रहा है तो मदद लेने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर परिवार पुलिस स्टेशन, SHO, गांव के सरपंच, पार्षद या अन्य जिम्मेदार प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं। पुलिस की ओर से जरूरत के अनुसार काउंसलिंग और नशामुक्ति सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।
नशे की सप्लाई रोकने में जनता की भूमिका
पुलिस कमिश्नर ने नशे की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए आम लोगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अगर उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई से जुड़ी कोई जानकारी है तो उसे पुलिस के साथ साझा करें।
उनके अनुसार, ऐसी जानकारी नशे की सप्लाई चेन को बाधित करने और युवाओं को नशे की लत से बचाने में मदद कर सकती है।
Key Highlights:
- पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने नशे के खिलाफ जनभागीदारी पर जोर दिया।
- ‘संपर्क कार्यक्रम’ के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया।
- परिवार और समाज को नशे की समस्या से निपटने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील।
- नशा सप्लायरों पर कानूनी कार्रवाई के साथ डिमांड कम करने पर भी जोर।
- युवाओं की काउंसलिंग और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास पर ध्यान देने की बात।
- अभिभावकों से बच्चों के दोस्तों, गतिविधियों और दिनचर्या पर नजर रखने की अपील।
- नशे से जुड़ी जानकारी पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह।
FAQ Section:
नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवार की क्या भूमिका है?
परिवार बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखकर उनकी गतिविधियों, दोस्तों और दिनचर्या पर ध्यान दे सकता है तथा समस्या होने पर समय रहते सहायता ले सकता है।
नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति के परिवार को कहां संपर्क करना चाहिए?
परिवार पुलिस स्टेशन, SHO, गांव के सरपंच, पार्षद या अन्य जिम्मेदार प्रतिनिधियों से सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस नशे की लत से जूझ रहे लोगों की कैसे मदद करेगी?
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जरूरत पड़ने पर पुलिस काउंसलिंग और नशामुक्ति सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी।
आम लोग नशे की सप्लाई के खिलाफ क्या कर सकते हैं?
नागरिक अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा कर सकते हैं।
Conclusion:
नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने और नशे से जुड़ी समस्या सामने आने पर समय रहते मदद लेने की अपील की। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से नशे की सप्लाई से संबंधित जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का आग्रह किया।
