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अमृतसर बॉर्डर बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, ADGP नीलाभ किशोर ने BSF अधिकारियों से की बैठक
ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती का लिया जायजा, सीमा पार से ड्रग्स, हथियार और विस्फोटकों की तस्करी रोकने पर जोर
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के ADGP नीलाभ किशोर ने अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने BSF अधिकारियों के साथ सीमा पार तस्करी रोकने के उपायों पर चर्चा की।
अमृतसर बॉर्डर बेल्ट पहुंचे ADGP नीलाभ किशोर
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) नीलाभ किशोर ने गुरुवार को अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा से जुड़े गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और दूसरे स्तर की रक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए चेकपॉइंट्स का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों से सीमा क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने को लेकर जानकारी ली।
BSF अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक
दौरे के दौरान ADGP नीलाभ किशोर ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार से ड्रग्स, हथियार और विस्फोटकों की आवाजाही को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की गई।यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पंजाब पुलिस ने दो दिन पहले अमृतसर बॉर्डर बेल्ट में अपनी एंटी-ड्रोन क्षमताओं को बढ़ाया है।
ड्रोन निगरानी व्यवस्था का भी लिया जायजा
ADGP ने सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन की तैनाती की भी समीक्षा की। ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जा रहे हैं।
इनका उद्देश्य मौजूदा एंटी-ड्रोन सिस्टम को अतिरिक्त सहायता देना और सीमा क्षेत्र में होने वाली हवाई गतिविधियों पर निगरानी रखना है।
ड्रोन से गिराए गए नशीले पदार्थों की निगरानी पर फोकस
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए सीमावर्ती गांवों में नशीले पदार्थों की खेप गिराए जाने की आशंका रहती है। इसके बाद संदिग्ध ड्रग कूरियर इन खेपों को लेने के लिए गांवों में पहुंच सकते हैं।
रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जा रहे ड्रोन संदिग्ध हवाई गतिविधियों का पता लगाने के साथ ऐसे संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने में भी मदद कर सकते हैं।
सेना, BSF और पंजाब पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हाल में सेना, BSF और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक वेस्टर्न कमांड मुख्यालय, चंडीमंदिर में हुई थी।
इस बैठक में एकीकृत इंटेलिजेंस ग्रिड बनाने, खुफिया सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान, ड्रोन के मलबे के विश्लेषण और फोरेंसिक जांच से प्राप्त जानकारी साझा करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में रात के समय निगरानी बढ़ाने जैसे उपायों पर चर्चा की गई थी।
Key Highlights:
- ADGP एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स नीलाभ किशोर ने अमृतसर बॉर्डर बेल्ट का दौरा किया।
- सीमावर्ती गांवों में दूसरे स्तर की रक्षा व्यवस्था के तहत चेकपॉइंट्स की समीक्षा की।
- BSF अधिकारियों के साथ ड्रग्स, हथियार और विस्फोटकों की तस्करी रोकने पर चर्चा।
- अमृतसर बॉर्डर क्षेत्र में एंटी-ड्रोन क्षमताएं बढ़ाई गई हैं।
- अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रणनीतिक स्थानों पर ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं।
- ड्रोन संदिग्ध हवाई गतिविधियों की निगरानी में मदद करेंगे।
- सीमा पार से ड्रोन द्वारा गिराई गई संदिग्ध खेपों को लेने आने वाले लोगों पर भी नजर रखने का उद्देश्य।
- सेना, BSF और पंजाब पुलिस के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग मजबूत करने पर जोर।
FAQ Section:
ADGP नीलाभ किशोर ने अमृतसर बॉर्डर का दौरा क्यों किया?
उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, चेकपॉइंट्स और ड्रोन निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की तथा सीमा पार तस्करी रोकने के उपायों का जायजा लिया।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
BSF अधिकारियों के साथ ड्रग्स, हथियार और विस्फोटकों की सीमा पार से आवाजाही रोकने तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।
सीमा क्षेत्र में ड्रोन क्यों तैनात किए जा रहे हैं?
रणनीतिक स्थानों पर ड्रोन तैनात करने का उद्देश्य हवाई गतिविधियों की निगरानी करना और मौजूदा एंटी-ड्रोन सिस्टम को अतिरिक्त सहायता देना है।
सीमा सुरक्षा को लेकर किन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है?
सेना, BSF और पंजाब पुलिस के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा निगरानी को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
Conclusion:
अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार से ड्रग्स, हथियार और विस्फोटकों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और समन्वय मजबूत करने पर ध्यान बढ़ाया है। ADGP नीलाभ किशोर के दौरे के दौरान चेकपॉइंट्स, ड्रोन तैनाती और BSF के साथ समन्वय की समीक्षा की गई। रणनीतिक स्थानों पर ड्रोन की तैनाती से सीमा क्षेत्र में संदिग्ध हवाई गतिविधियों की निगरानी को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।
