चंडीगढ़ में पहले सैनिक स्कूल की स्थापना अब हकीकत बनने के करीब है। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक Gulab Chand Kataria ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री Rajnath Singh से मुलाकात कर इस प्रस्ताव को जोरदार तरीके से रखा।
कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ में सैनिक स्कूल की स्थापना से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय सेवा की भावना को मजबूती मिलेगी। रक्षा मंत्री ने परियोजना को मंजूरी देने का आश्वासन दिया।
दोनों नेताओं के बीच सीमा क्षेत्रों में निगरानी सख्त करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई, विशेष रूप से ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एंटी-ड्रोन प्रणाली को और मजबूत व आधुनिक बनाने पर सहमति बनी।
रक्षा मंत्रालय वर्तमान में साझेदारी मॉडल के तहत नए सैनिक स्कूलों के लिए देशभर से प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन कर रहा है। जांच-परख के बाद चयनित प्रस्तावों को स्वीकृति पत्र जारी किए जाएंगे।
चंडीगढ़ के मामले में 21 नवंबर 2025 को मूल्यांकन समिति ने सेक्टर-23 स्थित Government Model Senior Secondary School 23A (जीएमएसएसएस-23ए) का दौरा किया था। समिति में उपायुक्त (अध्यक्ष), Sainik School Kunjpura के प्राचार्य और Jawahar Navodaya Vidyalaya के प्राचार्य शामिल थे। टीम ने आधारभूत संरचना, शैक्षणिक तैयारियों, मैस व किचन सुविधाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्था का आकलन किया। सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं और प्रस्ताव को उपयुक्त पाया गया है।
यूटी शिक्षा सचिव प्रेर्णा पुरी के अनुसार अब मामला रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सोसाइटी की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
यह प्रस्ताव जून 2025 में गठित समिति से शुरू हुआ था, जिसने परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन किया। समिति ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित स्कूलों का भी दौरा किया। सेक्टर-23 स्थित जीएमएसएसएस के 16 एकड़ परिसर को प्रस्तावित स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है।
