विश्वविद्यालय में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के दौरान शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया कि डिप्टी रजिस्ट्रार पिछले दो वर्षों से बिना किसी दायित्व के वेतन प्राप्त कर रहे हैं। मामले को लेकर हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में विरोध मार्च भी निकाला गया था।
Deenbandhu Chhotu Ram University Teachers’ Association (डीसीआरयूटीए) के अध्यक्ष डॉ. Ajay Dabas ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न शाखाओं—फैकल्टी, स्थापना, लेखा, विधि प्रकोष्ठ, शैक्षणिक, पुस्तकालय और परीक्षा—से छह कार्यदिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें संबंधित अधिकारी द्वारा संभाले गए कार्यों का विवरण देने को कहा गया है।
डीसीआरयूटीए ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से की गई तो सच्चाई सामने आ जाएगी। संघ ने यह भी आशंका जताई कि विभागाध्यक्षों पर किसी प्रकार का दबाव न डाला जाए ताकि वे संबंधित अधिकारी के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही, शिक्षकों के लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की भी मांग की गई।
इससे पहले डीसीआरयूटीए, Deenbandhu Chhotu Ram Employees Union (डीसीआरईयू) और सैकड़ों विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना कार्य आवंटन के अधिकारी को वेतन देने से विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान हुआ है।
डॉ. अजय डाबस ने यह भी दावा किया कि परीक्षा, फैकल्टी, शैक्षणिक, पंजीकरण, छात्रवृत्ति और लेखा सहित कई शाखाएं पिछले दो वर्षों से नियमित प्रमुखों के बिना कार्य कर रही हैं, जिससे विश्वविद्यालय के दैनिक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
